27 February 2026

वित्तीय धांधली में दो प्रधानाध्यापक निलंबित, जांच कमेटी बनाई गई

 फर्रुखाबाद। कोरोना काल में स्कूलों में प्रभारी प्रधानाध्यापक रहते एमडीएम में तीन लाख से अधिक और राशन का गोलमाल करने के आरोप में बीएसए ने शिकायत होने के एक साल बाद दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। बीएसए ने दो सदस्यीय जांच समिति भी बना दी है।

 



राजेपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत कुम्हरौर के प्रधान हिमानी सिंह ने 20 फरवरी 2025 को शिकायत की थी। इसमें कहा था कि कंपोजिट विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मृदुल सक्सेना ने वर्ष 2020-21 में कोरोना काल के समय 2.66 लाख रुपये व प्रभारी प्रधानाध्यापक शिक्षक यतेंद्र सिंह ने दो बार में 40 हजार रुपये के अपने नाम चेक काट कर एमडीएम के खाते से निकाल लिए थे। जांच के दौरान दोनों शिक्षकों ने अभिलेख नहीं दिए। बी

 


एसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी नगर व खंड शिक्षा अधिकारी बढ़पुर ने 22 अगस्त 2025 को बीएसए को जांच रिपोर्ट दे दी थी। वित्तीय अनियमितता करने वाले शिक्षकों से मिलीभगत करके बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के जिम्मेदारों से मिलकर फाइल दबी रही। बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को शिक्षक मृदुल सक्सेना और यतेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि दोनों शिक्षकों को वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित किया गया है। विभागीय जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज अमर सिंह राणा और खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मदाबाद भारती शाक्य को जिम्मेदारी सौंपी है।