नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण का संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद शनिवार को विपक्षी दलों को आड़े हाथ लिया। राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने देश की करोड़ों माताओं-बहनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि नारी को उनका हक दिलाकर रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों ने महिला अधिकारों की ‘भ्रूण हत्या’ की है। सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद महिलाओं के सपनों को निर्दयतापूर्वक कुचल दिया है। उन्होंने कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी पार्टियों पर सीधा आरोप लगाया कि जब सदन में नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तब विपक्ष का मेजें थपथपाना देश की हर महिला के आत्मसम्मान पर चोट थी।
मोदी ने कहा कि नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने जो व्यवहार किया है, उसकी कसक हर नारी के मन में हमेशा बनी रहेगी। जब भी ये नेता अपने क्षेत्रों में जाएंगे, महिलाएं याद रखेंगी कि इन्हीं लोगों ने उनके हक को रोका था।
संकल्प पूरा करेंगे, इरादा अडिग: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को हटाकर रहेंगे। हमारी हिम्मत अटूट और इरादा अडिग है। इस बिल का विरोध करने वाली पार्टियां संसद में महिलाओं की भागीदारी को रोक नहीं पाएंगी। बस वक्त का इंतजार है। कल हमारे पास संख्याबल नहीं था। इसका मतलब यह नहीं कि हम हार गए। हमारा प्रयास नहीं रुकेगा। हमें आधी आबादी के सपनों के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है।
नारी शक्ति की उड़ान रोकने की साजिश : मोदी ने कहा कि हर नागरिक देख रहा है कि कैसे नारी शक्ति की उड़ान को रोकने की साजिश रची गई। उन्होंने कहा, मेरे लिए हमेशा देशहित सर्वोपरि रहा है, लेकिन कुछ लोगों के लिए दलहित ही सब कुछ हो जाता है। जब दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है, तो उसका खामियाजा देश को और नारी शक्ति को भुगतना पड़ता है।

