● राज्यकर्मियों के लिए नई तबादला नीति जल्द
● विभागाध्यक्ष को तबादले के लिए मिलेगा एक माह
लखनऊ, विशेष संवाददाता। राज्य सरकार 2026-27 के लिए नई तबादला नीति जल्द लाने जा रही है। नई तबादला नीति में पति-पत्नी और दिव्यांगों को मानचाही तैनाती के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। जिले में तीन साल और मंडल में सात साल की सेवा पूरी करने वालों को स्थानांतरित किया जाएगा। एक ही पटल पर सालों से कार्यरत कर्मियों को हटा कर दूसरे स्थान पर भेजा जाएगा।
प्रस्तावित तबादला नीति में विभागाध्यक्षों को तबादले के लिए एक माह का समय दिए जाने पर सहमति बनी है। पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर यथासंभव एक ही जिले में उनका तबादला किया जाएगा। मंदित, चलने में लाचार और पूरी तरह से दिव्यांग बच्चों के माता-पिता की तैनाती उनके द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर करने का प्रस्ताव है।
दिव्यांग कर्मी और जिनके आश्रित परिवारीजन 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हैं, उनको स्थानांतरण से मुक्त रखा जाएगा। कोई दिव्यांग कर्मी यदि तबादला चाहता है, तो उसके अनुरोध के आधार पर मनचाहे जिलों में जाने का मौका दिया जाएगा। समूह ‘क’ व ‘ख’ के अधिकारियों के तबादले के लिए जिले में तीन साल और मंडल में सात साल रहने का कटऑफ तय किया गया है।
संदिग्ध कर्मी संवेदनशील पदों पर तैनात नहीं होंगे
संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले कर्मियों की तैनाती संवेदनशील पदों पर न करने का प्रस्ताव है। समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती न देने पर सहमति बनी है। ऐसे अधिकारियों का पद अगर मंडल स्तर का है तो उसे उसके मंडल में भी तैनात नहीं किया जाएगा। आकांक्षी जिलों-ब्लाकों में रिक्त पदों को प्राथमिकता पर भरा जाएगा।

