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06 June 2026

हिंदी-संस्कृत के प्रश्नपत्रों पर छात्रों ने उठाए सवाल, स्तर और त्रुटियों पर जताई चिंता

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित टीजीटी और पीजीटी भर्ती परीक्षा के हिंदी व संस्कृत विषयों के प्रश्नपत्रों को लेकर प्रतियोगी छात्रों में असंतोष है। प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य शीतला प्रसाद ओझा ने आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन भेजकर प्रश्नपत्रों के स्तर और उनमें कथित त्रुटियों पर पुनर्विचार की मांग की है।

ओझा का कहना है कि टीजीटी और पीजीटी जैसी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र संबंधित विषयों के मानक और पाठ्यक्रम के अनुरूप होने चाहिए। संस्कृत विषय के प्रश्नपत्र में कुछ अनुवादात्मक एवं विकल्प संबंधी त्रुटियां भी अभ्यर्थियों द्वारा इंगित की गई हैं। ऐसे मामलों में अभ्यर्थी भ्रमित हो जाते हैं और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा, छात्र लिखित प्रमाण पत्र दें तो विचार किया जाएगा

शीतला प्रसाद ओझा ने दावा किया कि पूर्व में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से आयोजित परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों का स्तर अधिक संतुलित और विषय-केंद्रित होता था। आयोग से इस संबंध में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।

शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय सिंह का कहना है कि छात्र लिखित प्रमाण सहित दें, उस पर विचार किया जाएगा।

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