06 June 2026

एडीसी में प्राध्यापकों के स्थायीकरण में देरी पर उठे सवाल

 

एडीसी में प्राध्यापकों के स्थायीकरण में देरी पर उठे सवाल

 प्रयागराज :
इलाहाबाद डिग्री कॉलेज (एडीसी) में कार्यरत शताधिक प्राध्यापकों के स्थायीकरण में हो रही देरी को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्राध्यापकों के संगठन आटा के अध्यक्ष प्रो. सुनील सिंह ने आरोप लगाया है कि बड़ी अवधि की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को अब तक स्थायी नहीं किया गया है, जबकि इनमें से अपने पद पर प्राध्यापन की परिवीक्षाधीन अवधि निर्धारित कर उन्हें स्थायी कर दिया है।

प्रो. सिंह के अनुसार इस संबंध में कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि मामला की शिकायत उच्च शिक्षा की शासन स्तर तक की गई है। इसके अतिरिक्त सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत दो अलग-अलग सूचनाएं भी मांगी गई हैं।

एक माह बीत जाने के बाद भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार माह पहले प्राध्यापकों की सेवा पुस्तिकाएं (सर्विस बुक) तैयार कर लेने को स्थायीकरण में देरी का कारण बताया था। हालांकि अब तक सेवा पुस्तिकाओं से संबंधित प्रविष्टियां भी पूरी नहीं हो सकी हैं।

प्रो. सिंह का दावा है कि जनरल फाइनेंशियल रूल्स (जीएफआर) के अनुसार किसी भी कर्मचारी की सेवा पुस्तिका नियुक्ति के एक माह के भीतर तैयार होनी चाहिए। नियमों के तहत सेवा पुस्तिका में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज की जानी चाहिए, जिनमें एक कर्मचारी के पास तथा दूसरी कार्यालय में रखी जाती है।

एडीसी आटा अध्यक्ष का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन जीएफआर और संबंधित नियमों के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहा है।