प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित टीजीटी-पीजीटी भर्ती 2026 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामता रामपाल को पद से हटाने की मांग की है। साथ ही वर्ष 1982 की पुरानी माध्यमिक शिक्षा सेवा नियमावली के आधार पर 23,775 पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग दोहराई है।
प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों और बदलावों की जानकारी समय पर अभ्यर्थियों को उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं में असंतोष बढ़ा है।
प्रतिनिधिमंडल के संयोजक शीतला प्रसाद ओझा ने आरोप लगाया कि प्राविधिक कला एवं नॉन-बीएड अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने संबंधी पत्र 15 जून तक शासन को भेजा जाना था, लेकिन इसे 24 जून को भेजा गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस तरह की देरी और नियमों में बदलाव से पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में अभ्यर्थियों ने मांग की है कि 1982 की पुरानी नियमावली के आधार पर ही भर्ती विज्ञापन जारी किया जाए। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के बीच नियम बदलना उन लाखों युवाओं के साथ अन्याय होगा, जो वर्षों से पुरानी व्यवस्था के अनुसार तैयारी कर रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा टीजीटी-पीजीटी भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने की भी मांग की है। अब अभ्यर्थियों की नजर शासन स्तर पर होने वाले निर्णय और आगामी वार्ता पर टिकी हुई है।
मुख्य बातें
- टीजीटी-पीजीटी भर्ती को लेकर आंदोलन जारी।
- अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन।
- अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को हटाने की मांग।
- 23,775 पदों पर 1982 की पुरानी नियमावली से भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग।
- भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और जल्द विज्ञापन जारी करने की मांग।

