20 July 2026

परिषदीय विद्यालयों की हर कक्षा में लगेंगे निपुण लक्ष्य के पोस्टर, 31 जुलाई तक पूरा होगा अभियान

 

परिषदीय विद्यालयों की हर कक्षा में लगेंगे निपुण लक्ष्य के पोस्टर, 31 जुलाई तक पूरा होगा अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन के तहत छात्रों को लक्ष्य आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि 31 जुलाई तक सभी परिषदीय विद्यालयों की प्रत्येक कक्षा में संबंधित कक्षा के निपुण लक्ष्य (NIPUN Learning Outcomes) के पोस्टर अनिवार्य रूप से लगाए और प्रदर्शित किए जाएं।

विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी बीएसए, बीईओ कार्यालयों और डायट (DIET) में भी इन पोस्टरों का प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बालवाटिका से लेकर कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित अधिगम लक्ष्यों को विद्यालय की दैनिक शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाना है।

लेसन प्लान आधारित पढ़ाई पर रहेगा फोकस

बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निपुण लक्ष्य पोस्टरों के माध्यम से शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक सभी को प्रत्येक कक्षा के सीखने के लक्ष्यों की जानकारी मिलेगी। विद्यालय स्तर पर पोस्टर प्रदर्शन टीएलएम (Teaching Learning Material) अनुदान से कराया जाएगा और शिक्षण कार्य को लेसन प्लान के अनुरूप संचालित करने पर विशेष जोर रहेगा।

कक्षावार निर्धारित किए गए हैं सीखने के लक्ष्य

निपुण लक्ष्य चार्ट में बालवाटिका से कक्षा 5 तक प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग अधिगम लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

  • बालवाटिका: सरल शब्द पढ़ना, अपना नाम पहचानना और लिखना, एक अंकीय संख्याओं की पहचान।

  • कक्षा 1 और 2: छोटे वाक्य पढ़ना-लिखना, गिनती, जोड़-घटाव तथा दैनिक जीवन से जुड़े गणितीय प्रश्नों का समाधान।

  • कक्षा 5: हिंदी में गद्यांश समझकर पढ़ना, उससे जुड़े कम से कम 75 प्रतिशत प्रश्नों के सही उत्तर देना, समाचार पत्र पढ़ना, स्वतंत्र लेखन तथा गणित में गुणा, भाग, भिन्न, ज्यामितीय आकृतियों की समझ, पर्यावरण अध्ययन की व्यावहारिक अवधारणाएं और अंग्रेजी में समझ के साथ पढ़ने-लिखने की क्षमता विकसित करना।

शिक्षकों को मिलेगा प्रगति आकलन में सहयोग

विभाग का मानना है कि इन स्पष्ट अधिगम लक्ष्यों के आधार पर शिक्षक प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की प्रगति का बेहतर आकलन कर सकेंगे। जिन बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता की आवश्यकता होगी, उन्हें समय रहते आवश्यक सहयोग भी दिया जा सकेगा।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका एस. गर्ग ने कहा कि निपुण लक्ष्य दर्शाने वाले पोस्टर शिक्षण कार्य को सही दिशा देने वाले स्पष्ट मानक हैं। इनके अनुरूप शिक्षण होने से बच्चों की सीखने की गुणवत्ता में सुधार होगा और शिक्षकों को भी प्रभावी मूल्यांकन करने में सुविधा मिलेगी।

31 जुलाई तक सभी विद्यालयों में होगा पोस्टर प्रदर्शन

बेसिक शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 31 जुलाई तक सभी परिषदीय विद्यालयों में निपुण लक्ष्य पोस्टर का प्रदर्शन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही प्रशिक्षण, कक्षा शिक्षण और निरीक्षण के दौरान भी इन लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।