03 August 2026

यूपी में बंद हुए 26 हजार से अधिक स्कूल : अखिलेश

 लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से एक दिन पहले सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने निजी स्कूलों को लाभ पहुंचाने के लिए विलय के नाम पर 26,386 स्कूल बंद किए हैं।

इसी प्रकार कक्षा 1 से 8 तक के 1.40 लाख शिक्षकों के स्वीकृत पदों को सरकार ने कम कर दिया है। प्राइमरी स्कूलों में 62,465 शिक्षकों की संख्या कम हुई है। राज्य के 7 हजार स्कूलों में बिजली नहीं है। 23 हजार स्कूलों में छात्राओं के लिए क्रियाशील शौचालय की व्यवस्था नहीं है। 576 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं है। करीब 23 हजार स्कूलों में विद्यार्थियों को कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

रविवार को सपा मुख्यालय में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि राज्य में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इस मुद्दे को सपा सदन में उठाकर सरकार के दावों की पोल खोलेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में 28.32 लाख विद्यार्थियों का नामांकन घटा है। इनमें 16 लाख छात्राएं भी शामिल हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं की, जबकि शिक्षकों के 81,821 पद रिक्त हैं।

सपा अध्यक्ष ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से दावा किया कि वर्ष 2017 में राज्य में 1,13,938 प्राइमरी स्कूल थे, जबकि वर्ष 2026 में इनकी संख्या घटकर 87,552 रह गई है।

उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 758, सीतापुर में 650, प्रयागराज में 638 और गोरखपुर में 487 प्राइमरी स्कूल बंद हुए हैं।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा पिछड़े समाज को शिक्षित होने से रोकना चाहती है। यही वजह है कि सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपने करीबियों के निजी स्कूल खुलवाने के लिए सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में 3440 निजी प्राइमरी स्कूल खोले गए हैं।