03 August 2026

एलटी ग्रेड के चार हजार शिक्षकों का प्रमोशन फंसा, पदोन्नति के बाद नियुक्ति का रास्ता होगा साफ

 । राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत तकरीबन चार हजार शिक्षक-शिक्षिकाओं की प्रवक्ता पद पर पदोन्नति फंसी हुई है। नियमानुसार पांच साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षक-शिक्षिकाओं की हर साल रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति होनी चाहिए। इससे पहले महिला शाखा के दो विषयों की 59 शिक्षिकाओं का दिसंबर 2022 में प्रवक्ता पद पर प्रमोशन हुआ था, जबकि पुरुष वर्ग की पदोन्नति कई सालों से नहीं हुई है।



वर्तमान में महिला शाखा में 1800 से अधिक और पुरुष शाखा में दो हजार से अधिक पद रिक्त हैं। पदोन्नति के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कराने के लिए दो साल पहले ही अनुरोध किया गया था। हालांकि 2019-20 से 2023-24 सत्र के बीच रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर आयोग की ओर से आपत्ति होने के बाद से मामला ठंडे बस्ते में है।


आयोग ने रिक्तियों के घटित होने का कारण व तिथि के विवरण के साथ ही ज्येष्ठता सूची निर्विवादित होने संबंधित प्रमाणपत्र देने को कहा था। सूची में शिक्षिकाओं का क्रमांक क्रमवार नहीं होने समेत चयन वर्षवार अधियाचित पदों के सापेक्ष दिव्यांगों के लिए आरक्षण चिह्नित नहीं होने पर भी आपत्ति हुई थी। वहीं एलटी ग्रेड पुरुष वर्ग के शिक्षकों की पदोन्नति वरिष्ठता विवाद के कारण रुकी हुई है।

पदोन्नति के बाद नियुक्ति का रास्ता होगा साफ


माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही के कारण नई भर्ती भी शुरू नहीं हो पा रही है। यदि समय से एलटी ग्रेड शिक्षकों की पदोन्नति हो जाए तो रिक्त पदों पर चयन की कार्यवाही का रास्ता साफ हो क्योंकि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड के शत-प्रतिशत पदों को सीधी भर्ती से भरा जाता है।