प्रयागराज । इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शिक्षकों के कोचिंग संस्थानों और निजी ट्यूशन देने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इविवि के रजिस्ट्रार की ओर से 31 जुलाई को जारी नोटिस के अनुसार विश्वविद्यालय तथा उसके संघटक महाविद्यालयों का कोई भी शिक्षक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी निजी कोचिंग संस्थान में अध्यापन अथवा निजी ट्यूशन से जुड़ी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकेगा। यह प्रतिबंध ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों पर समान रूप से लागू होगा।
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, केंद्रों के निदेशक और समन्वयक अपने-अपने विभागों एवं केंद्रों के शिक्षकों से इस संबंध में संयुक्त शपथपत्र (अंडरटेकिंग) लेकर कुलसचिव कार्यालय में जमा करेंगे। इसी प्रकार विश्वविद्यालय के सभी संघटक महाविद्यालयों के प्राचार्य भी अपने यहां कार्यरत शिक्षकों का संयुक्त शपथपत्र डीन, कॉलेज डेवलपमेंट के माध्यम से कुलसचिव कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से शिक्षकों की शैक्षणिक जवाबदेही और संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा हितों के टकराव की स्थिति से बचा जा सकेगा।

