लखनऊ। योगी सरकार इस वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश करेगी। वित्त विभाग ने अन्य विभागों से आए प्रस्तावों का संकलन कर लिया है और सोमवार को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के साथ बैठक में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि अनुपूरक का आकार 50 हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। इस वित्तीय वर्ष के लिए योगी सरकार ने 9.12 लाख करोड़ रुपये का मूल बजट पेश किया था। अब सरकार इस वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट मानसून सत्र में लाने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, वित्त विभाग ने तीन लिंक एक्सप्रेस-वे, उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर, मेधावियों को स्कूटी योजना में अतिरिक्त फंड, कैशलेस इलाज के लिए अतिरिक्त रकम और इस तरह की अन्य विकासपरक योजनाओं को अनुपूरक में प्राथमिकता में रखा है। इसके अलावा ठंडे बस्ते में चली गई जीरो पावर्टी योजना को भी गति देने के लिए बजट का इंतजाम सरकार कर सकती है।
सरकार की इस योजना के मुताबिक, तमाम कल्याणकारी योजनाओं के बावजूद गरीबी में जी रहे लोगों को लक्षित कर उन्हें गरीबी रेखा से बाहर लाना है। अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिहाज से सरकार इस योजना के तहत नया लाभार्थी वर्ग भी तैयार करने की मंशा पूरी कर सकती है। हालांकि, इन योजनाओं में से कितनी को इस अनुपूरक बजट में जगह मिलेगी यह सोमवार को वित्त विभाग की बैठक के बाद तय होगा।
योगी सरकार 2022 के संकल्प पत्र की घोषणाओं में से उन योजनाओं को तलाश रही है, जिन्हें अब तक जमीन पर उतारा नहीं जा सका है। सामान्य तौर पर अनुपूरक बजट पहले से चल रही योजनाओं में अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान करने के लिए लाया जाता है। हालांकि, चुनाव की तरफ बढ़ती सरकार इस अनुपूरक में कुछ नई योजनाओं को भी जगह दे सकती है। युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण के लिए चल रही योजनाओं में अतिरिक्त रकम इस अनुपूरक बजट में दी जा सकती है।

