मिड-डे मील व्यवस्था में बड़ा बदलाव
प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में संचालित मिड-डे मील योजना की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब ग्राम प्रधानों की भूमिका समाप्त कर दी गई है। विद्यालय प्रबंध समिति (वीएमसी) के अध्यक्ष, जो संबंधित विद्यालय के किसी छात्र के अभिभावक होंगे, तथा प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से योजना का संचालन करेंगे। इस संबंध में महानिदेशालय स्कूली शिक्षा द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।
अब मिड-डे मील से जुड़े बैंक खाते का संचालन, भोजन तैयार करने के लिए मिलने वाली कंटीजेंसी राशि तथा रसोइयों के मानदेय का भुगतान वीएमसी अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। इससे पहले यह जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक के पास होती थी। शुकुल बाजार विकास क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में भी नई व्यवस्था लागू होने की तैयारी शुरू हो गई है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी विद्यालयों में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। वहीं, शासन के इस फैसले को लेकर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ग्राम प्रधान संगठनों द्वारा विरोध भी शुरू हो गया है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायतों की भागीदारी समाप्त होने से योजना के संचालन पर असर पड़ सकता है, जबकि शासन का मानना है कि अभिभावकों की सीधी भागीदारी से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

