पांच लाख से ज्यादा लोगों ने दी साक्षरता परीक्षा, 15 साल से अधिक उम्र के लोगों ने लिया हिस्सा
UP Literacy Exam: प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित हुई उल्लास नव भारत साक्षरता परीक्षा
लखनऊ। प्रदेश में उल्लास नव भारत साक्षरता परीक्षा का आयोजन रविवार को सभी जिलों में किया गया। परीक्षा में परिषद विद्यालयों, कारागारों और बाल सुधार गृहों में करीब 5.10 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षर परीक्षार्थी शामिल हुए।
इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रदान कर उन्हें पढ़ने-लिखने तथा सामान्य गणना में सक्षम बनाना है।
परीक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं
साक्षरता परीक्षा के सुचारु संचालन, निरीक्षण और निगरानी के लिए प्रदेशभर में व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया।
केंद्र सरकार की टीम ने चंदौली और जौनपुर में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अधिकारियों ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
राज्य स्तर पर शिक्षा निदेशक बेसिक एवं साक्षरता और वैकल्पिक शिक्षा अनिल भूषण चतुर्वेदी ने लखनऊ में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। वहीं, उप निदेशक साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा नीलम ने प्रतापगढ़ में परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया।
इसके अलावा सहायक निदेशक प्रतिमा मिश्रा ने सोनभद्र में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
महिलाओं की 75 प्रतिशत भागीदारी का लक्ष्य
कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के असाक्षरों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्रदान कर साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान में महिलाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है।
कार्यक्रम में महिलाओं की 75 प्रतिशत और पुरुषों की 25 प्रतिशत भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
साक्षरता अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर
उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके। परीक्षा के माध्यम से उनके मूलभूत पढ़ने-लिखने और संख्या ज्ञान का आकलन किया जा रहा है।

