असिस्टेंट प्रोफेसर गणित परीक्षा के प्रश्नपत्र पर विवाद, 16 सवाल दोहराए जाने का दावा
अभ्यर्थियों ने उठाए परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल, स्वतंत्र जांच और दोबारा परीक्षा की मांग
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की ओर से 18 सितंबर 2026 को आयोजित राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर गणित की मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र विवादों में आ गया है। अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि परीक्षा में पूछे गए 20 में से 16 प्रश्न पूर्व में आयोजित राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की प्रवक्ता भर्ती परीक्षा-2020 के प्रश्नपत्र से हूबहू दोहराए गए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इसके अलावा एक अन्य प्रश्न में भी केवल मामूली बदलाव किया गया है। प्रवक्ता जीआईसी की संबंधित परीक्षा आयोग की ओर से 19 सितंबर 2021 को आयोजित कराई गई थी।
परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवाल
अभ्यर्थियों का तर्क है कि जीआईसी प्रवक्ता और राजकीय महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर अलग-अलग पद हैं और दोनों परीक्षाओं की प्रकृति एवं पाठ्यक्रम भी अलग हैं। ऐसे में पुराने प्रश्नपत्र के बड़ी संख्या में प्रश्नों के दोहराए जाने से परीक्षा में समान अवसर को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार, पुराने प्रश्नों को दोहराते समय यह भी जांचा जाना चाहिए था कि वे असिस्टेंट प्रोफेसर गणित के निर्धारित पाठ्यक्रम में शामिल हैं या नहीं।
इन प्रश्नों के दोहराए जाने का दावा
अभ्यर्थियों ने जिन विषयों से जुड़े प्रश्नों को पुराने प्रवक्ता भर्ती प्रश्नपत्र में भी होने का दावा किया है, उनमें—
सम्मिश्र संख्याएं
औसत गतिज ऊर्जा
रैखिक रूपांतरण
अवकल समीकरण
तीन रैखिक समीकरण
रेखाओं द्वारा जनित शंकु
रैंक-नलिटी प्रमेय
घन के ऊपर पृष्ठीय समाकल
वृत्त की अभिलंब रेखा
शामिल हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि ऐसे कुल 16 प्रश्न पुराने प्रश्नपत्र में भी मौजूद थे।
दो प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर होने का भी दावा
अभ्यर्थियों ने परीक्षा में पूछे गए दो प्रश्नों को निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर होने का भी दावा किया है। उनका कहना है कि दोनों प्रश्नों की विषय विशेषज्ञों से जांच कराई जानी चाहिए।
स्वतंत्र जांच और परीक्षा दोबारा कराने की मांग
अभ्यर्थियों ने लोक सेवा आयोग से मांग की है कि मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए और वर्ष 2021 के प्रवक्ता भर्ती प्रश्नपत्र तथा 18 सितंबर 2026 के असिस्टेंट प्रोफेसर गणित प्रश्नपत्र का प्रश्नवार मिलान कराया जाए।
साथ ही, कथित रूप से पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्नों की विषय विशेषज्ञों से समीक्षा कराने और 18 सितंबर की गणित मुख्य परीक्षा निरस्त कर दोबारा आयोजित कराने की मांग भी की गई है।
आयोग ने क्या कहा?
मामले में आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराता है तो उसे परीक्षा समिति के समक्ष रखा जाएगा।
फिलहाल, प्रश्नपत्र में पुराने प्रश्नों के दोहराव और पाठ्यक्रम से बाहर प्रश्न पूछे जाने संबंधी दावों पर आयोग की ओर से विस्तृत निर्णय या आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए परीक्षा के संबंध में अंतिम स्थिति आयोग की जांच/निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
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