21 September 2026

मांगें पूरी न होने पर शिक्षक नाराज, आंदोलन की चेतावनी; पांच अक्टूबर तक का दिया समय

 

मांगें पूरी न होने पर शिक्षक नाराज, आंदोलन की चेतावनी; पांच अक्टूबर तक का दिया समय

माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण और एनपीएस की राशि जीपीएफ में ट्रांसफर की मांग उठाई


लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने शासन स्तर पर लंबित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को लेकर नाराजगी जताई है। संगठन ने तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने और एनपीएस की राशि को जीपीएफ में ट्रांसफर किए जाने की मांग की है। मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

रविवार को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह पटेल की अध्यक्षता में हुई प्रांतीय कार्य समिति की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा के बाद आंदोलन का निर्णय लिया गया।

पांच अक्टूबर तक का दिया समय

बैठक में तय किया गया कि मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन पर संगठन की ओर से वार्ता की जाएगी। संगठन ने सरकार को पांच अक्टूबर तक सकारात्मक निर्णय लेने का समय दिया है।

डॉ. पटेल ने कहा कि यदि निर्धारित समय तक मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो संगठन आर-पार की लड़ाई के लिए मजबूर होगा।

तदर्थ शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग

बैठक में संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी और महामंत्री आशीष कुमार सिंह ने तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि लंबे समय से कार्यरत तदर्थ शिक्षकों के मामले का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

NPS राशि को GPF में ट्रांसफर करने की मांग

बैठक में एनपीएस की राशि जीपीएफ में ट्रांसफर नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई। संगठन ने सरकार से इस संबंध में जल्द निर्णय लेने की मांग की।

शिक्षकों का कहना है कि उनकी लंबित मांगों पर सरकार को स्पष्ट और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

सिटीजन चार्टर को लेकर भी चर्चा

बैठक में सिटीजन चार्टर को मूर्त रूप न दिए जाने का मुद्दा भी उठा। कार्य समिति ने विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया।

बैठक में भगवान शंकर त्रिवेदी, डॉ. शैलेंद्र द्विवेदी, जगदीश पांडेय, रमेश चंद्र सिंह, डॉ. सुमन शुक्ला, डॉ. सुरेंद्र शर्मा, बच्चू लाल भारती, नंद कुमार मिश्रा, मिथिलेश कुमार पांडेय, पंकज कुमार सिंह, संजय बाजपेयी और दिनेश सिंह समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

अब संगठन की नजर पांच अक्टूबर तक सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। निर्धारित समय में मांगों पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में संगठन ने आंदोलन तेज करने का संकेत दिया है।