15 September 2026

पुलिस में मृतक आश्रित भर्ती में पांच प्रतिशत कोटा व टेस्ट की शर्त वैध करार

 

 प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग में मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में पांच प्रतिशत कोटा व टेस्ट की शर्त को वैध करार दिया है और चुनौती याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने अजय सिंह यादव व 25 अन्य की कुल नौ याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया। ये सभी याचिकाएं सेवाकाल में मृत पुलिसकर्मियों के आश्रितों की ओर से दाखिल की गई थीं, जो अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदक थे।


याचियों का कहना था कि उत्तर प्रदेश उप-निरीक्षक एवं निरीक्षक (सिविल पुलिस) सेवा नियमावली, 2015 के नियम 5 (1) में जोड़ी गई टिप्पणी अनुच्छेद 14, 15, 16 और 309 के विरुद्ध है। इसके अनुसार हर साल सीधी भर्ती से भरे जाने वाले पदों के अधिकतम पांच प्रतिशत पद ही अनुकंपा नियुक्ति के आश्रित वर्ग के लिए आरक्षित किए जा सकते हैं। यह भी प्रविधान है कि यदि आश्रित श्रेणी में आवेदकों की संख्या रिक्त पदों से अधिक हो तो अभ्यर्थियों को आब्जेक्टिव टाइप टेस्ट देना होगा। साथ ही एक अभ्यर्थी को केवल एक ही अवसर मिलेगा। दलील दी कि 1974 के उत्तर प्रदेश आश्रित नियुक्ति नियमावली में ऐसी कोई सीमा तय नहीं है और आब्जेक्टिव टेस्ट अनुकंपा नियुक्ति के मूल उद्देश्य को ही कमजोर करता है।

खंडपीठ ने पूर्व के 'अंकुर गौतम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' (2019) मामले के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि यह प्रतिबंध न तो मनमाना है और न ही भेदभावपूर्ण, बल्कि उचित और तर्कसंगत है क्योंकि बड़ी संख्या में पद अनुकंपा आधार पर भरने से खुली प्रतियोगिता से आवेदन करने वालों के अवसर प्रभावित होंगे।