प्रयागराज। यूपीटीईटी में दशमलव से फेल अभ्यर्थियों ने पास करने की मांग की है। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार को इस संबंध में ज्ञापन भेजा। संगठन का कहना है कि टीईटी के परिणाम में कई ऐसे अभ्यर्थी सामने आए हैं, जिनके 89.50 से 89.99 तक और 81.5 से 81.99 तक अंक प्राप्त हुए हैं।
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अनारक्षित और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को पास होने के लिए क्रमश: 90 और 82 अंक मिलने चाहिए। दशमलव में अंक कम होने के कारण इन्हें अनर्ह (नॉट क्वालीफाइड) घोषित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने शिक्षा सेवा चयन आयोग एलनगंज पहुंचकर सचिव मनोज कुमार से मुलाकात की और टीईटी परिणाम की त्रुटियों के शीघ्र निस्तारण का अनुरोध किया। सचिव ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही आयोग की बैठक में अध्यक्ष के समक्ष सभी मांगों को रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
परिणाम जारी करने के लिए उमड़े अभ्यर्थी
प्रयागराज। यूपीटीईटी 2026 का परिणाम घोषित होने के बाद रिजेक्ट लिस्ट में शामिल तकरीबन 60 हजार अभ्यर्थियों की बेचैनी बढ़ गई है। रिजेक्ट लिस्ट में शामिल पूरे प्रदेश से सैकड़ों अभ्यर्थियों का हुजूम सोमवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर उमड़ पड़ा। इनमें तमाम शिक्षक हैं जिनकी नौकरी दांव पर लगी हुई है जबकि परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में आगामी नई शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में बेरोजगार अभ्यर्थियों के परिणाम भी रिजेक्ट हुए हैं। चयन आयोग ने रोल नंबर, बुकलेट संख्या या दूसरी सूचनाओं से संबंधित गोला ओएमआर शीट पर सही तरीके से नहीं भरने के कारण परिणाम रिजेक्ट कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि गोला भरने में हुई मामूली गलतियों को नजरअंदाज करते हुए उनकी ओएमआर शीट का मैन्युअल मूल्यांकन कराया जाए।

