टीईटी ओएमआर शीट मामले में शिक्षकों-अभ्यर्थियों को राहत, चयन आयोग से पुनर्मूल्यांकन की मांग
लखनऊ। हाल ही में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में ओएमआर शीट में कथित मानवीय/तकनीकी त्रुटि के कारण कई शिक्षकों और अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित नहीं किया गया। अब शिक्षक संगठनों और एमएलसी ने इस मामले में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को पत्र भेजकर प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ (तिवारी गुट) के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी ने कहा कि ओएमआर शीट में मानवीय त्रुटि को सुधारकर रिजेक्ट किए गए परीक्षाफल को घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार शिक्षकों के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य है। यदि परिणाम घोषित नहीं किया गया तो सेवारत शिक्षकों की सेवा खतरे में पड़ सकती है।
प्रदेश महामंत्री उमाशंकर सिंह ने भी ओएमआर शीट में हुई त्रुटियों को सुधारकर परिणाम जारी करने की मांग की। वहीं संघ के संरक्षक एवं विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने आयोग को पत्र लिखकर इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने और समाधान निकालने की मांग की है।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने भी ओएमआर शीट का पुनर्मूल्यांकन कर छूटे हुए अभ्यर्थियों का संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं जिनका परिणाम आयोग की ओर से जारी उत्तर कुंजी के मिलान के दौरान तकनीकी त्रुटि के कारण प्रभावित हुआ है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि तकनीकी त्रुटियों को दूर कर दिया जाए तो कई पात्र शिक्षकों के परिणाम उत्तीर्ण हो सकते हैं। संगठनों ने सेवारत शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए ओएमआर का पुनर्मूल्यांकन कर जल्द संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की है।

