UpdateMarts•Com
Follow Channel

28 October 2026

शिक्षणेतर कर्मचारियों के कैशलेस इलाज पर मुहर

 

यूपी में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) और निजी स्कूलों के 1.70 लाख शिक्षणेतर कर्मचारियों तथा उनके परिजनों को कैशलेस उपचार की सुविधा दी जाएगी। प्रति कर्मचारी वार्षिक तीन हजार रुपये का बीमा प्रीमियम दिया जाएगा। दोनों विभागों के सभी शिक्षणेतर कर्मियों के प्रीमियम पर वार्षिक कुल 51 करोड़ रुपये खर्च होंगे और हर खर्च विभाग उठाएगा।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगा दी गई। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के तहत बेसिक शिक्षा परिषद, एडेड जूनियर हाईस्कूलों और निजी स्कूलों में कार्यरत कुल 1.22 लाख शिक्षणेतर कर्मचारियों व उनके परिजनों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। वह सरकारी अस्पताल के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी मुफ्त उपचार करा सकेंगे। प्रत्येक शिक्षणेतर कर्मचारी के बीमा प्रीमियम पर तीन हजार प्रति वर्ष खर्च होगा। ऐसे में 39.69 करोड़ रुपये की धनराशि बीमा प्रीमियम पर खर्च की जाएगी। दूसरी ओर माध्यमिक शिक्षा विभाग के एडेड माध्यमिक स्कूलों, निजी माध्यमिक स्कूलों, एडेड माध्यमिक संस्कृत स्कूलों, एडेड संस्कृत डिग्री कॉलेजों और निजी संस्कृत माध्यमिक स्कूलों के 48 हजार शिक्षणेतर कर्मचारियों व उनके परिजनों को भी कैशलेस उपचार की सुविधा दी जाएगी।


ये भी पढ़ें - Diwali 2026 Date Calendar: धनतेरस से भाई दूज तक कब-कब मनाए जाएंगे त्योहार? देखें पूरी लिस्ट

ये भी पढ़ें - सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: परिवार से दूर रहने के आधार पर शिक्षकों को इंटर-डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर का अधिकार नहीं

प्रति कर्मचारी यहां पर भी तीन हजार रुपये प्रति वर्ष प्रीमियम की धनराशि दी जाएगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग वार्षिक 14.41 करोड़ रुपये वार्षिक प्रीमियम की धनराशि देगा। ऐसे में बेसिक व माध्यमिक के कुल 1.70 लाख शिक्षणेतर कर्मियों व उनके परिजनों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।

रोजगार सृजन होगा


परियोजनाओं के निर्माण व अनुरक्षण पर होने वाला कुल संभावित व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। चारों परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 760 लाख मानव दिवस के रोजगार सृजित होने का अनुमान है।


सफर आसान होगा


परियोजनाओं को तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। पांच वर्षों तक मेंटीनेंस की व्यवस्था होगी। वर्तमान में यूपीडा के पांच एक्सप्रेसवे संचालित हैं, वहीं आठ अन्य का विकास प्रस्तावित है। नए लिंक एक्सप्रेसवे का उद्देश्य संचालित एक्सप्रेसवे को अच्छी कनेक्टिविटी देना है।

Guruji Portal: Hindi Notes| Free Exam Notes |GS Notes| Quiz| Books and lots more