प्रत्येक विद्यालय के लिए पदोन्नति संबंधी निर्णय लिया गया, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद छात्र संख्या की बाध्यता नही मानी जाएगी, शीघ्र पदोन्नति के दिए निर्देश ।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ राकेश सिंह जी के साथ शैक्षिक संगठनों की बैठक में चयन वेतनमान, इंचार्ज हेड के पद के अनुरूप वेतन दिए जाने पर सहमति बनी ।
ये भी पढ़ें - शिक्षकों के शैक्षिक और नियुक्ति अभिलेखों की होगी जांच, STF और बेसिक शिक्षा विभाग मिलकर करेंगे सत्यापन
आगरा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ राकेश सिंह जी के साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शैक्षिक संगठनों की आवश्यक बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में चयन वेतनमान और पदोन्नति के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में तय किया गया कि चयन वेतनमान तथा पदोन्नति की कार्यवाही प्रत्येक विद्यालय में उपलब्ध पदों के अनुरूप की जाएगी। आरटीई एक्ट 2011 के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या 150 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 100 की बाध्यता को मान्यता नहीं दी जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद सृजित मानते हुए ज्येष्ठता सूची 5 नवंबर तक प्रकाशित करने तथा 10 नवंबर तक पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्णय लिया गया।
प्रोन्नत वेतनमान के संबंध में स्पष्ट किया गया कि कमेटी गठित करने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे पूर्व प्रोन्नत वेतनमान हेतु आवेदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शीघ्र जमा करने के निर्देश दिए गए।
ये भी पढ़ें - UP School Half Yearly Exam 2026: परिषदीय स्कूलों में 17 नवंबर से होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं
बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, आगरा की ओर से जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कसाना तथा जिला मंत्री बृजेश दीक्षित उपस्थित रहे। विशिष्ट बी टी सी शिक्षक वेलफेयर एसोशिएशन एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष सुरेश खिरवार , सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. महेश कांत शर्मा, यूटा के जिलाध्यक्ष के.के. शर्मा एवं प्राथमिक शिक्षक संघ के संयोजक सुरजीत चौधरी, राष्ट्रवादी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कीर्ति पाल सिंह एवं बृजेश शुक्ला तथा महिला शिक्षक संघ से अनीता सिंह एवं अन्य पदाधिकारीयों ने भाग लिया।
यह बैठक प्रत्येक विद्यालय स्तर पर पदोन्नति संबंधी निर्णय और शिक्षक हितों के मुद्दों पर तेज प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।

