नई दिल्ली, एजेंसी। एनसीईआरटी की कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक का दूसरा भाग जारी किया गया। इसमें कई आधुनिक भारतीय संस्थानों के आदर्श वाक्य जैसे 'सत्यमेव जयते' और 'यतो धर्मस्ततो जयः' को जोड़ा गया है। वहीं, 'सेंगोल' (राजदंड) को प्रमुखता से समझाया गया है। किताब में 'सेंगोल' को शासन और सुशासन का सांस्कृतिक प्रतीक बताया गया है। इसकी परंपरा चोल काल से जोड़ी गई है।
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सेंगोल को न्यायपूर्ण शासन के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करने की परंपरा एक हजार वर्ष से अधिक पहले चोल राजवंश के शासनकाल में शुरू हुई थी। इसे स्वतंत्रता के समय सत्ता हस्तांतरण से भी जोड़ा गया है। देश की स्वतंत्रता के अवसर को चिह्नित करने के लिए 15 अगस्त, 1947 की मध्यरात्रि को प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने तमिलनाडु के अधीनम संतों से सेंगोल प्राप्त किया था। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री ने देश की नवनिर्मित संसद भवन में इसे स्थापित किया।

