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26 October 2026

हर विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद सृजित करने की मांग

UP News: हर विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद सृजित करने की मांग, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की उठी आवाज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर बीटीसी शिक्षक संघ ने आवाज उठाई है। संघ ने प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद सृजित करने और हर कक्षा में कम से कम एक शिक्षक की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके साथ ही शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने के लिए विद्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर, चौकीदार और सफाईकर्मी नियुक्त करने की मांग भी उठाई गई है।


हर विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद बनाने की मांग

बीटीसी शिक्षक संघ का कहना है कि विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक स्कूल में प्रधानाध्यापक का पद होना आवश्यक है। इसके अलावा हर कक्षा में कम से कम एक शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार कम किया जा सके।

गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त हों शिक्षक

संघ ने मांग की है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए। इसके लिए विद्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर, चौकीदार और सफाईकर्मी की नियुक्ति की जाए। संघ का मानना है कि इससे शिक्षक पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगे और विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा।

बीटीसी शिक्षक संघ की अन्य प्रमुख मांगें

दारुलशफा में आयोजित संघ की प्रांतीय कोर कमेटी की बैठक में कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें प्रमुख रूप से निम्न मांगें शामिल रहीं:

  • परिषदीय शिक्षकों को शत-प्रतिशत प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिया जाए।

  • खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।

  • उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को तीन वर्ष का सेवा विस्तार दिया जाए।

  • पुरस्कार के लिए न्यूनतम सेवा अवधि पांच वर्ष निर्धारित करने की व्यवस्था पर विचार किया जाए।

  • शिक्षामित्रों के लिए नई नियमावली बनाकर उन्हें स्थायी करने की मांग पर विचार किया जाए।

बैठक में कई पदाधिकारी रहे मौजूद

समाचार रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव, प्रदेश महामंत्री संदीप दत्त सहित संघ के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को लेकर चर्चा की गई।

महत्वपूर्ण: ये मांगें शिक्षक संघ की ओर से उठाई गई हैं। इनके स्वीकार होने या शासनादेश जारी होने की पुष्टि अभी उपलब्ध समाचार सामग्री में नहीं है।