शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के बनेंगे पहचान पत्र, यूपी बोर्ड ने जारी किए निर्देश, 15 नवंबर तक डेटा अपलोड करना अनिवार्य
सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड की वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की तैयारियां तेज हो गई हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने परीक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कंप्यूटरीकृत पहचान पत्र बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
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इसके लिए सभी माध्यमिक विद्यालयों को अपने शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण परिषद के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक एसपी सिंह ने सभी प्रधानाचार्यों को 15 नवंबर तक कर्मचारियों का पूरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है।
15 नवंबर तक अपलोड करना होगा पूरा विवरण
निर्देश के अनुसार, विद्यालयों को पोर्टल upmsp-edu-in पर सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की जानकारी दर्ज करनी होगी। इसमें निम्नलिखित विवरण शामिल होंगे:
शिक्षक एवं कर्मचारी का पूरा नाम
पदनाम
जन्मतिथि
नियुक्ति तिथि
अध्यापन विषय
मोबाइल नंबर
अन्य आवश्यक विवरण
शिक्षकों के अध्यापन विषय का कोड संबंधित कक्षा के निर्धारित विषय कोड के अनुसार दर्ज करना होगा। सभी जानकारियां सही और प्रमाणित होनी चाहिए।
प्रैक्टिकल और परीक्षा कार्य में मिलेगी जिम्मेदारी
कंप्यूटरीकृत पहचान पत्र का उपयोग बोर्ड परीक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों में किया जाएगा। इनमें प्रायोगिक परीक्षाएं, मूल्यांकन, परीक्षकों की नियुक्ति और कक्ष निरीक्षकों की तैनाती जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
इस व्यवस्था से परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियों के निर्धारण और कर्मचारियों की पहचान में आसानी होगी।
गलत डेटा अपलोड होने पर प्रधानाचार्य होंगे जिम्मेदार
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि किसी शिक्षक या कर्मचारी का विवरण यदि दो विद्यालयों में दर्ज पाया जाता है तो उसे एक विद्यालय से हटाना अनिवार्य होगा।
प्रधानाचार्यों को डेटा अंतिम रूप से अपलोड करने से पहले सभी जानकारियों की जांच करनी होगी। यदि किसी शिक्षक का विवरण दो विद्यालयों में दर्ज है तो संबंधित विद्यालय से उसे हटाने की जिम्मेदारी भी प्रधानाचार्य की होगी।
डिबार शिक्षकों का विवरण भी दर्ज होगा
बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, डिबार घोषित शिक्षक और कर्मचारियों का विवरण भी पोर्टल पर निर्धारित श्रेणी में दर्ज किया जाएगा। इससे परीक्षा कार्यों में उनकी नियुक्ति से संबंधित जानकारी व्यवस्थित रखी जा सकेगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को निर्धारित समयसीमा में शुद्ध और पूर्ण विवरण अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। डेटा अपलोड में किसी भी प्रकार की लापरवाही की जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाचार्य की होगी।

