पहले हेड मास्टर चखेंगे, फिर बच्चे छकेंगे मिड डे मील


वाराणसी, । बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने मंगलवार को बच्चों को एमडीएम उपलब्ध कराने वाली संस्था की केंद्रीकृत रसोई का निरीक्षण किया। शिवदासपुर और लोहता क्षेत्र में बनी रसोइयों में उन्होंने तैयार होने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने निर्देश दिया कि बनाने के बाद रसोइया भोजन चखें। भोजन के स्कूल में पहुंचने के बाद सबसे पहले हेडमास्टर उसे खाकर देखें। फिर उसे बच्चों को दिया जाए।


जनपद में भदोही की तरुण चाइल्ड ओपेन एण्ड डेवलपमेंट सोसायटी 46 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मिड डे मिल उपलब्ध कराती है। संस्था प्राथमिक स्तर पर 8424 और उच्च प्राथमिक स्तर पर 9445 बच्चों के लिए एमडीएम तैयार करती है। केद्रीकृत किचन के निरीक्षण के दौरान बीएसए ने खाने की गुणवत्ता अच्छी पाई। किचेन भी साफ-सुथरा और स्वच्छ था। उन्होंने मौके पर संस्था के अध्यक्ष व सचिव को हर दिन एमडीएम में ब्रांडेंड चीजों के उपयोग व गुणवत्ता पर ध्यान देने को कहा। कहा कि भोजन संबंधी अभिलेख स्वयंसेवी संस्था अपने कार्यालय में अवश्य रखे ताकि निरीक्षण के दौरान सही जानकारी मिल सके।

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