‘पहले वे सम्मानित होते थे जो स्कूल नहीं जाते थे’: शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को किया सम्मानित, पिछली सरकार के कामकाज पर तंज किया, और भी कहीं यह बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को शिक्षकों को सम्मानित करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में बेसिक में 1.34 करोड़ बच्चे पढ़ रहे थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 1.91 करोड़ हो गई है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा में 1.26 लाख भर्तियां हुईं और माध्यमिक में 40 हजार शिक्षकों की भर्तियां हुईं।


मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के कामकाज पर तंज करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले वे शिक्षक अक्सर पुरस्कार प्राप्त करते थे जो स्कूल नहीं जाते थे। एक बार पुरस्कार वितरण इसलिए ही स्थगित कर दिया था। वास्तविक शिक्षक इससे अपमानित महसूस करता है।

मुख्यमंत्री ने फिर कहा कि जब सुनता हूं कि स्कूल में बच्चों से झाडू लगवाई गई तो मैं इसे सकारात्मक तरीके से देखता हूं। अपने स्कूल में झाड़ू लगाना कहां से बुरा होता है? अपने घर को साफ करना कहां से नकारात्मक है। उन्होंने कहा कि स्कूल से लेकर प्रदेश तक को निपुण बनाना है। यह अभियान सभी शिक्षक अपने हाथ ले लें। 30-40 बच्चों की जिम्मेदारी लें। पिछले पांच सालों के कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शासन संभाला तो कई बेसिक स्कूलों में गन्दगी का अंबार होता था। पेड़-पौधे जहां-तहां उगे रहते थे लेकिन अब ऑपरेशन कायाकल्प की बदौलत स्कूल चमक रहे हैं।

मुख्यमंत्री बोले कि पांच साल में हमने बहुत काम किए, लेकिन अभी बहुत कुछ करना है। तबादले, भर्ती और तैनाती में हमने मानवीय दखल खत्म किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने सत्ता संभाली थी उस समय परीक्षाएं चल रही थीं। सामूहिक नकल की शिकायतें आ रही थीं। हमने नकल रोकने के आदेश दिए। तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा मंत्री व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा खुद निरीक्षण के लिए निकले। परिणामस्वरूप नकल पर अंकुश लग पाया और उस वर्ष रिजल्ट थोड़ा खराब रहा। 2018 में कहीं से भी नकल की खबरें नहीं आयीं.


आठ प्रधानाध्यापक हुए सम्मानित
● रमेश चन्द्र वर्मा- अनुभव इण्टर कालेज, कानपुर नगर

● विक्रम सिंह, जय मां एसजीएमआईसी, फतेहपुर

● नीरज भारद्वाज, लक्ष्मण दास यजुर्वेद कॉलेज, बुलन्दशहर

● सरिता गुप्ता, गंगोत्री देवी बालिका विद्यालय, बलिया

● आशु त्यागी, स्टाकिश इण्टर कालेज, खीरी, शामली

● रेनू सिंह, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, गौतमबुद्ध नगर

● वनिता मेहरोत्रा, शीलिंग हाउस स्कूल, कानपुर

● आभा अनंत, सीएमएस, लखनऊ

यूपी डिजिटल क्रांति का अग्रदूत योगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश डिजिटल क्रांति का अग्रदूत है। भारत के कुल मोबाइल कम्पोनेंट्स का 45 प्रतिशत कार्य यहीं होता है। डेटा कलेक्शन में भी उत्तर प्रदेश अग्रणी हैं। सीएम योगी ने कहा यूपी में असीम संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अश्वमेधा-एलारा इंडिया डायलॉग-2022 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश मॉडल स्टेट फॉर-फ्यूचर इंडिया विषय पर विस्तार से विचार रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच वर्ष में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। प्रदेश में कानून का राज है। लेबर और इन्वेस्टर रेग्युलेशन में हमारी सरकार ने 500 से अधिक सुधार किए हैं। 40 विभागों के 1400 कंप्लायन्स निरस्त किए गए हैं। निवेश मित्र के माध्यम से 19 विभागों की 353 सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है। हमने प्रदेश में ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है।

ट्विटर पर ट्रेंड करता रहा यूपी का योगी शिक्षा मॉडल

शिक्षक दिवस के अवसर पर सोमवार को ट्विटर पर पूरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शिक्षा मॉडल छाया रहा। ट्विटर पर सुबह से ही #UpYogiShikshaModel ने ट्रेंड करना शुरू कर दिया। पूरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शिक्षा मॉडल टॉप ट्रेंड में बना रहा। मुख्यमंत्री ट़्विटर पर सीएम योगी #UpYogiShikshaModel को 15 हजार से ज्यादा लोगों ने रिट्वीट किया तो 300 मिलियन लोगों ने इसे देखा। वहीं 55 मिलियन तक ट्रेंड पहुंचा।

● मुख्यमंत्री ने कहा, बच्चों द्वारा स्कूल की सफाई सकारात्मक काम

● स्कूल प्रबंधन से पुराने छात्रों को स्कूल से जोड़ने की अपील की



शिक्षकों ने लिखा पुरस्कार नहीं सम्मान मिलना चाहिए

लखनऊ। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर कहा है कि शिक्षक को पुरस्कार नहीं, सम्मान चाहिए। शिक्षकों को अर्जित अवकाश नहीं मिलता, लिहाजा यदि उसे अपना विवाह भी करना है तो वह मेडिकल अवकाश लेकर ही कर सकता है।

विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि कई ब्लॉकों में शिक्षक अब भी बैठक के समय जमीन पर बैठते हैं? लखनऊ के ब्लॉक माल में 27 अगस्त को हुई बैठक में शिक्षक दरी पर बैठे थे जबकि अधिकारी और एनजीओ के कार्यकर्ता कुर्सी पर बैठे थे।

10 शिक्षकों का सम्मान

● दिनेश वर्मा, बाराबंकी

● रविकांत द्विवेदी, मिर्जापुर

● ज्योति कुमारी, भदोही

● मनीष देव, अयोध्या

● सदाशिव, आजमगढ़

● अरुणा कुमारी, हापुड़

● रश्मि मिश्र, प्रतापगढ़

● श्रीकांत कुलश्रेष्ठ, आगरा

● श्रीराम हरिजन, बलरामपुर

● सुनील कुमार, गोंडा

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