उत्तर पुस्तिकाओं के खर्च का नहीं मिला भुगतान


, सिद्धार्थनगर : परिषदीय स्कूलों की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। पर अभी तक पिछले वर्ष परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापकों की ओर से खरीदे गए उत्तर पुस्तिकाओं का भुगतान नहीं हो पाया है। इस वर्ष उन्हें दोबारा उत्तर पुस्तिका खुद के पैसे से खरीदने को मजबूर होना पड़ा है। पिछले वर्ष के बकाया भुगतान के लिए बीएसए कार्यालय से 37 लाख रुपये की मांग शासन की गयी है पर अभी तक बजट नहीं मिलने से भुगतान लटका पड़ा है।





इस साल भी वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र एक सप्ताह शेष है, ऐसे में पिछले वर्ष का उत्तर पुस्तिकाओं के खरीद मद में हुए खर्च मिलने की उम्मीद नहीं है। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री कलीमुल्लाह ने बताया कि महंगाई के इस दौर में प्राथमिक विद्यालय के लिए प्रति छात्र 7.50 रुपये और पूर्व माध्यमिक विद्यालय के लिए 15 रुपये का भुगतान विभाग करता है। प्राथमिक में कक्षा दो से पांच तक के लिए एक बच्चे पर उत्तर पुस्तिकाओं की जरूरत पड़ती है, वहीं कक्षा छह से आठ तक प्रति छात्र 32 उत्तर पुस्तिकाओं की जरूरत है। ऐसे में 7.50 रुपये और 15 रुपये में शुचितापूर्ण ढंग से पूरे पारदर्शी तरीके के साथ वार्षिक परीक्षा कराने के लिए शिक्षकों को मजबूरी में अपने पास से धन खर्च करना पड़ रहा है। अभी कापियों का मूल्यांकन और परीक्षा फल तैयार करके सभी बच्चों को प्रगति रिपोर्ट भी दिया जाना है।




पिछले वर्ष खरीदे गए उत्तरपुस्तिकाओं का भुगतान बजट न मिलने से नहीं हो पाया है। धन की मांग की गयी है। उम्मीद है कि पिछले वर्ष के साथ वर्तमान में चल रही उत्तरपुस्तिकाओं का खर्च भी आ जाएगा। देवेंद्र कुमार पांडेय, वीएसए