1300 से अधिक स्कूलों में 'शून्य' नामांकन पर गाज, BSA ने रोकी खंड शिक्षा अधिकारियों की सैलरी
गोरखपुर। जनपद के सरकारी स्कूलों में 'स्कूल चलो अभियान' के तहत नामांकन की बेहद सुस्त रफ्तार को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) धीरेंद्र त्रिपाठी ने नामांकन लक्ष्यों की अनदेखी और लापरवाही बरतने पर जिले के संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं।
समीक्षा में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
विभागीय समीक्षा के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि जनपद के सैकड़ों विद्यालयों में इस सत्र में अब तक एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ है:
979 विद्यालयों में कक्षा एक में नामांकन शून्य पाया गया।
332 विद्यालयों में कक्षा छह में अभी तक एक भी छात्र का पंजीकरण नहीं हुआ है।
लापरवाही पर सख्त रुख
बीएसए ने स्पष्ट किया कि नामांकन बढ़ाने के लिए बार-बार दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार नजर नहीं आया। इसे खंड शिक्षा अधिकारियों की घोर लापरवाही और दायित्वों के प्रति उदासीनता माना गया है।
रिपोर्ट के आधार पर ही बहाल होगा वेतन
बीएसए धीरेंद्र त्रिपाठी ने निर्देश दिया है कि सभी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए। साथ ही, उन्हें चेतावनी दी गई है कि जब तक नामांकन की स्थिति में संतोषजनक सुधार नहीं होता और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती, तब तक वेतन बहाल नहीं किया जाएगा।
इस सख्त कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और अब शून्य नामांकन वाले स्कूलों में पंजीकरण बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

