माध्यमिक-बेसिक शिक्षा विभाग में समूह क के 150 पद खाली
लखनऊ। प्रदेश में माध्यमिक-बेसिक शिक्षा विभाग में इस समय उच्च स्तर पर (समूह क में) नियमित अधिकारियों का बड़ा टोटा है। इसे देखते हुए शासन ने इन खाली 150 से अधिक पदों पर पदोन्नति के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक से प्रस्ताव मांगे हैं।
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षा निदेशक के चार पद स्वीकृत हैं। मौलिक रूप से इस पर एक ही तैनाती है। जबकि निदेशक के तीन पद पर प्रभारी तैनात हैं। इसका कारण पदोन्नति के लिए अपर शिक्षा निदेशक व समकक्ष स्तर के पदों पर तीन साल की सेवा पूरी न होना है। वहीं अपर शिक्षा निदेशक के 12 पद स्वीकृत हैं। इनमें से वर्तमान में नौ पद खाली हैं।
इसी प्रकार संयुक्त शिक्षा निदेशक व समकक्ष स्तर के अधिकारियों के कई पद खाली हैं। निदेशक व अपर शिक्षा निदेशक के तीन-तीन पदों पर प्रभारी तैनाती है।
निदेशक व अपर शिक्षा निदेशक के तीन-तीन पद पर प्रभारी तैनात
शासन ने पदोन्नति के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक से प्रस्ताव मांगा है। उच्च स्तर के अधिकारियों की पांच साल की सेवा पूरी होने पर पदोन्नति की जाती है।
इसी तरह संयुक्त शिक्षा निदेशक व समकक्ष स्तर के 22 में से एक, उप शिक्षा निदेशक व समकक्ष स्तर के 108 में से 58 और डिप्टी डायरेक्टर/समकक्ष स्तर के 198 में से 90 से अधिक पद खाली हैं। खाली पदों के सापेक्ष प्रभारी अधिकारियों की तैनाती कर विभाग कामकाज कर रहा है।
एक नियमित निदेशक मई में हो रहे सेवानिवृत्त
विभाग में एक मात्र नियमित शिक्षा निदेशक माध्यमिक में डॉ. महेंद्र देव हैं, जो मई में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जबकि निदेशक के पद पर पदोन्नति के लिए संबंधित अपर निदेशकों की योग्यता जुलाई में पूरी हो रही है।
ऐसे में जुलाई में पदोन्नति के लिए डीपीसी (विभागीय चयन समिति) का आयोजन किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा के संयुक्त सचिव संदीप कुमार ने सामान्य शिक्षा संवर्ग समूह क श्रेणी के पदों पर पदोन्नति के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक से प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है।
ऐसे में नए सत्र 2026-27 में विभाग में बड़ी संख्या में नियमित अधिकारियों की तैनाती होगी।

