लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एएनएम (सहायक नर्स एवं मिडवाइफ) के लिए अब पूरे देश में रोजगार के अवसर खुलने जा रहे हैं। राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रशिक्षण केंद्रों को भारतीय नर्सिंग परिषद (आईएनसी) में पंजीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अब तक प्रदेश के कई एएनएम और जीएनएम संस्थानों को आईएनसी से मान्यता नहीं मिली थी, जिसके कारण यहां से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों को अन्य राज्यों में नौकरी पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस मुद्दे को पहले भी उठाया गया था, जिसके बाद विभाग ने इस दिशा में कदम तेज किए हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में जीएनएम और एएनएम प्रशिक्षण के लिए बड़ी संख्या में सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता के अभाव में इनका लाभ सीमित रह जाता था। अब इन संस्थानों के पंजीकरण से प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को देशभर में रोजगार पाने में सुविधा मिलेगी।
पंजीकरण प्रक्रिया के तहत प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र को निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। विभाग ने इसके लिए अंतिम तिथि भी तय कर दी है। साथ ही, शासन से आवश्यक अनुमतियां लेने की प्रक्रिया भी जारी है।
इस पहल से प्रदेश के नर्सिंग छात्रों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

