केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। ऐसा अनुमान है कि वेतन आयोग की सिफारिशें मई 2027 तक सरकार को सौंप दी जाएंगी। इसी डेडलाइन को ध्यान में रखकर वेतन आयोग ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। हाल ही में एक बैठक उत्तराखंड के देहरादून में की गई थी। अब बैठकों का एक दौर दिल्ली में होने वाला है। इन बैठकों में केंद्रीय कर्मचारियों या उनसे जुड़े संगठन तरह-तरह की मांग कर रहे हैं। ऐसी ही एक मांग 18 महीने के डीए एरियर की है।
क्य है डिटेल?
मार्च 2020 में जब COVID-19 महामारी के कारण देश में आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से रुक गई थीं तब केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता (DA/DR) 18 महीनों के लिए रोक दिया था। ये 18 महीने की अवधि जनवरी 2020 से जुलाई 2021 तक की थी। तब सरकार ने कहा था कि उस समय देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत ज्यादा दबाव था और कई जरूरी क्षेत्रों में बड़े खर्चों की जरूरत थी।
सरकार ने संसद में भी कई बार यह साफ किया कि DA इसलिए रोका गया था ताकि उस पैसे का इस्तेमाल COVID-19 से लड़ने, स्वास्थ्य सेवाओं और दूसरी जरूरी चीजों पर किया जा सके। वित्त मंत्रालय ने भी अपने जवाबों में बार-बार दोहराया कि उस अवधि का बकाया कर्मचारियों को नहीं दिया जा सकता। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों और उनसे जुड़े संगठनों ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। कर्मचारियों या उनके संगठन ने बार-बार इस मुद्दे को उठाया और वित्त मंत्रालय को मनाने की कोशिश की। कर्मचारियों का तर्क है कि यह उनका अधिकार है और जब हालात सामान्य हो जाएं तो बकाया दिया जाना चाहिए।
28 से 30 अप्रैल तक बैठक
बता दें कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने शुक्रवार को एक अहम नोटिस जारी किया है। आयोग ने बताया कि 28 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक दिल्ली में होने वाली बैठकों में भाग लेने और आयोग से बातचीत करने के लिए बड़ी संख्या में अनुरोध प्राप्त हुए हैं। ऐसे में सीमित समय और व्यस्त कार्यक्रम के कारण इन तारीखों के दौरान सभी अनुरोधों को स्वीकार करना संभव नहीं होगा।
पिछले साल गठन
पिछले साल सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग का गठन किया था। जनवरी 2025 में वेतन आयोग का ऐलान किया गया तो नवंबर में इसके लिए चेयरपर्सन और अन्य मेंबर्स को नियुक्त किया गया। वेतन आयोग को 18 महीने के भीतर सिफारिशें सौंपने को कहा गया है। यह सरकार पर है कि वह वेतन आयोग की सिफारिशें अक्षरश: मान लेती है या नहीं।

