अयोध्या |
जनपद के परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन और अनुशासन को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) लाल चन्द्र ने सख्त रुख अपनाया है। मसौधा ब्लॉक के विद्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षण व्यवस्था में भारी खामियां और छात्रों की बेहद कम उपस्थिति पाए जाने पर बीएसए ने कड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के दोषी शिक्षकों का अप्रैल माह का वेतन अवरुद्ध करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
निरीक्षण में खुली दावों की पोल
BSA लाल चन्द्र ने जब मसौधा ब्लॉक के तीन प्रमुख विद्यालयों का जायजा लिया, तो वहां सरकार की प्राथमिकताओं की अनदेखी होती मिली:
प्राथमिक विद्यालय रायपुर: यहाँ 68 नामांकित छात्रों के मुकाबले केवल 30 बच्चे मौजूद मिले। स्मार्ट क्लास और डिजिटल अटेंडेंस जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं ठप मिलीं। एक शिक्षक बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब पाए गए, जबकि अन्य शिक्षक शिक्षण कार्य में रुचि नहीं ले रहे थे।
उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिपुर जलालाबाद: यहाँ की स्थिति और भी गंभीर रही, जहाँ 67 छात्रों में से मात्र 19 ही उपस्थित थे। सबसे चौंकाने वाला तथ्य मिड-डे मील (MDM) के रिकॉर्ड में मिला, जहाँ कागजों और वास्तविक उपस्थिति में बड़ा अंतर पाया गया।
कम्पोजिट विद्यालय फतेहपुर सरैया: यहाँ 116 बच्चों में से केवल 47 छात्र स्कूल पहुँचे थे। करोड़ों की लागत से तैयार स्मार्ट क्लास का संचालन बंद मिला और समय-सारणी का पालन नहीं हो रहा था।
साफ-सफाई और अनुशासन नदारद
तीनों विद्यालयों में न केवल शिक्षण व्यवस्था, बल्कि बुनियादी सुविधाओं और विद्यालय के रखरखाव में भी लापरवाही उजागर हुई। रंगाई-पुताई, साफ-सफाई और अभिलेखीकरण (Record Keeping) की स्थिति असंतोषजनक मिली। बीएसए ने इसे शासन की मंशा के विपरीत और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।
एक सप्ताह में मांगा जवाब
बीएसए ने संबंधित विद्यालय के शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर साक्ष्यों के साथ स्पष्टीकरण देना होगा। साथ ही, खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्र के स्कूलों का सघन निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित कराएं।

