घंटों मोबाइल देखने से बढ़ रही रीढ़ और गर्दन की समस्या, बच्चों की लंबाई पर भी असर
आगरा। लगातार घंटों तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल अब बच्चों और युवाओं की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गलत तरीके से बैठकर लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत रीढ़ की हड्डी, गर्दन और कमर की गंभीर समस्याओं को जन्म दे रही है। कई मामलों में गर्दन और कंधे दो इंच तक झुकने की शिकायत सामने आ रही है।
आगरा में आयोजित न्यूरोलॉजी कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि कम उम्र के बच्चों में भी मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग तेजी से बढ़ा है। खासतौर पर 8 से 10 वर्ष की उम्र में बच्चों का घंटों स्क्रीन के सामने झुककर बैठना उनके शरीर की संरचना पर असर डाल रहा है। इससे रीढ़ की हड्डी टेढ़ी होने, कमर दर्द, गर्दन दर्द और कंधों में जकड़न जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि लगातार झुककर बैठने से बच्चों की लंबाई पर भी असर पड़ सकता है। लंबे समय तक गलत मुद्रा में रहने से शरीर का विकास प्रभावित होता है और मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। युवाओं में गर्दन झुकाकर चलने और मोबाइल देखने की आदत तेजी से बढ़ रही है, जिससे भविष्य में गंभीर शारीरिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, तनाव, खराब दिनचर्या, कम शारीरिक गतिविधि और खराब फिटनेस भी इन समस्याओं की बड़ी वजह बन रहे हैं। कई मरीजों में उच्च रक्तचाप, नसों पर दबाव और हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसी दिक्कतें भी देखने को मिल रही हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो आने वाले वर्षों में युवाओं में रीढ़ और नसों से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों ने बच्चों और अभिभावकों को सलाह दी है कि मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग सीमित समय तक करें। पढ़ाई के दौरान सही मुद्रा में बैठें, बीच-बीच में ब्रेक लें और बच्चों को आउटडोर खेलों के लिए प्रेरित करें। साथ ही संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम को भी जरूरी बताया गया है।

