लखनऊ। जनगणना और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगातार ड्यूटी लगाए जाने से इस बार शिक्षकों का ग्रीष्मावकाश प्रभावित होता नजर आ रहा है। ऐसे में शिक्षकों ने अब प्रतिकर अवकाश (कंपनसेटरी लीव) की मांग को लेकर आवाज उठानी शुरू कर दी है। प्रदेशभर में हजारों शिक्षकों ने अवकाश के लिए आवेदन करना भी शुरू कर दिया है।
शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने पहले से ही गर्मी की छुट्टियों के दौरान पारिवारिक कार्यक्रम, शादी-विवाह, यात्रा और अन्य जरूरी कार्यों की योजना बना रखी थी, लेकिन अब ड्यूटी लगने से उनकी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इससे शिक्षकों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
बेसिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 12 हजार से अधिक शिक्षकों ने प्रतिकर अवकाश के लिए आवेदन किए हैं। वहीं शिक्षक संगठनों ने भी मांग की है कि यदि ग्रीष्मावकाश के दौरान शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है, तो बदले में उन्हें प्रतिकर अवकाश की सुविधा दी जाए।
शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पहले ही विभिन्न प्रशिक्षण, यू-डायस और अन्य विभागीय कार्यों से शिक्षण कार्य प्रभावित हो चुका है। अब जनगणना और भर्ती परीक्षाओं की जिम्मेदारी आने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों की समस्याओं को देखते हुए जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके और विद्यालयी व्यवस्था भी प्रभावित न हो।

