केंद्रीय कर्मचारियों को माता-पिता या सास-ससुर में किसी एक को ही चुनना होगा आश्रित
प्रयागराज। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य योजना (CGHS) को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया गया है। अब कर्मचारियों को अपने आश्रित परिवार के रूप में माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक पक्ष को ही चुनना होगा। एक बार विकल्प चुन लेने के बाद उसमें बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि सीजीएचएस नियम, 1944 के तहत चिकित्सा सुविधाओं का लाभ देने के लिए माता-पिता या सास-ससुर में से केवल एक पक्ष को ही आश्रित परिवार के सदस्य के रूप में शामिल किया जा सकता है।
दरअसल, कई विभागों में इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। कुछ कर्मचारी पहले माता-पिता को आश्रित दिखाते थे और बाद में परिस्थितियां बदलने पर सास-ससुर को आश्रित बनाने का अनुरोध कर रहे थे। इसी को स्पष्ट करने के लिए केंद्र सरकार ने नया निर्देश जारी किया है।
विभाग ने साफ किया है कि यदि कोई कर्मचारी एक बार माता-पिता को आश्रित के रूप में चुन लेता है, तो बाद में सास-ससुर को आश्रित के रूप में शामिल नहीं कर सकेगा। इसी प्रकार यदि सास-ससुर का विकल्प चुना गया है, तो बाद में माता-पिता के पक्ष में बदलाव की अनुमति नहीं होगी।
हालांकि, कर्मचारी अपने चुने गए आश्रितों को सीजीएचएस के तहत चिकित्सा सुविधा तभी दिला सकेंगे, जब वे निर्धारित नियमों और शर्तों को पूरा करते हों। मंत्रालय ने सभी विभागों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्पष्टीकरण से विभिन्न विभागों में चल रही भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और सीजीएचएस लाभार्थियों की श्रेणी तय करने में पारदर्शिता आएगी।

