माध्यमिक शिक्षकों को बड़ी राहत: प्रवक्ता पदोन्नति का रास्ता साफ, शासन ने नियम संशोधन को दी मंजूरी
प्रयागराज,
उत्तर प्रदेश शासन ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए हाईस्कूल सहायक अध्यापक से इंटरमीडिएट प्रवक्ता पद पर पदोन्नति से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही व्यावहारिक समस्याओं का समाधान कर दिया है। शासन ने माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए नियमों में आवश्यक संशोधन को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के अंतर्गत पदोन्नति की शैक्षिक अर्हताओं को लेकर उत्पन्न हो रही कठिनाइयों को देखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है।
9 सितंबर 2025 से पहले नियुक्त शिक्षकों को मिलेगा लाभ
शासनादेश संख्या 1163/15-7-2026-1(29)/2019, दिनांक 18 जून 2026 के अनुसार स्पष्ट किया गया है कि 09 सितंबर 2025 से पूर्व नियुक्त सहायक अध्यापक प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए पूर्व व्यवस्था के अनुसार ही पूर्णतः पात्र (Eligible) माने जाएंगे।
इस निर्णय से उन हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी जो नियमों में बदलाव के बाद पदोन्नति को लेकर असमंजस की स्थिति में थे।
NCTE मानकों के कारण उत्पन्न हुई थी समस्या
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि 09 सितंबर 2025 को जारी शासनादेश के तहत शिक्षकों की नियुक्ति हेतु अर्हताओं को NCTE (National Council for Teacher Education) के मानकों के अनुरूप संशोधित किया गया था। इसके बाद पहले से नियुक्त शिक्षकों की पदोन्नति संबंधी पात्रता को लेकर कई व्यावहारिक प्रश्न सामने आए थे।
चूंकि पूर्व में नियुक्त सहायक अध्यापकों की नियुक्ति उस समय प्रचलित अर्हताओं के आधार पर हुई थी, इसलिए उनकी पदोन्नति व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए वर्तमान संशोधन किया गया है।
शिक्षकों में खुशी की लहर
इस निर्णय को माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। संशोधन के बाद अब उन शिक्षकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो गया है जो नियम परिवर्तन के कारण वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे।
प्रमुख बिंदु
- हाईस्कूल सहायक अध्यापक से प्रवक्ता पदोन्नति का मार्ग साफ।
- माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी।
- 09 सितंबर 2025 से पहले नियुक्त शिक्षक पूर्व नियमों के अनुसार पात्र होंगे।
- NCTE मानकों के कारण उत्पन्न पदोन्नति संबंधी विवाद का समाधान।
- हजारों शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिलने की संभावना।
यह निर्णय माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों के कैरियर उन्नयन और सेवा हितों की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

