25 June 2026

स्कूल नहीं आने वाले बच्चों को फोन करेंगे शिक्षक, छात्र संख्या बढ़ाने के लिए नया अभियान

 

स्कूल नहीं आने वाले बच्चों को फोन करेंगे शिक्षक, छात्र संख्या बढ़ाने के लिए नया अभियान

प्रयागराज।
बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में लगातार घट रही छात्र संख्या को लेकर शासन गंभीर नजर आ रहा है। विद्यार्थियों की उपस्थिति और नामांकन बढ़ाने के लिए अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा ने शिक्षकों, अनुदेशकों और शिक्षामित्रों को विशेष निर्देश दिए हैं। अब यदि कोई छात्र नियमित रूप से विद्यालय नहीं आता है, तो शिक्षक सीधे उसके अभिभावकों से संपर्क करेंगे और अनुपस्थिति का कारण जानेंगे।

अभिभावकों को करेंगे फोन

शासन के निर्देशानुसार, यदि कोई बच्चा विद्यालय नहीं पहुंचता है तो शिक्षक अभिभावकों को फोन कर पूछेंगे कि बच्चा स्कूल क्यों नहीं आ रहा है। इस पहल का उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई से सीधे जोड़ना और विद्यालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।

घर-घर जाकर बच्चों की खोज

निर्देशों के तहत आंगनबाड़ी और आशा बहुओं के सहयोग से क्षेत्र में रहने वाले 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की वास्तविक स्थिति का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर बच्चों को बाल वाटिका से जोड़ा जाएगा ताकि प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाया जा सके।

कक्षा 1 और कक्षा 6 में नामांकन पर जोर

अभियान के अंतर्गत छह वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का कक्षा 1 में नामांकन कराया जाएगा। वहीं, प्राथमिक विद्यालयों से कक्षा 5 उत्तीर्ण करने वाले बच्चों का उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 6 में प्रवेश सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों को सौंपी गई है।

निपुण भारत मिशन को मिलेगी मजबूती

शिक्षा विभाग का मानना है कि बच्चों की नियमित उपस्थिति और नामांकन बढ़ने से निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। इससे बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार होगा और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मजबूत होगा।

प्रमुख बिंदु

  • 📞 अनुपस्थित छात्रों के अभिभावकों को फोन करेंगे शिक्षक।
  • 🏠 घर-घर सर्वे कर स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान होगी।
  • 👶 3 से 6 वर्ष के बच्चों को बाल वाटिका से जोड़ा जाएगा।
  • 📚 छह वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का कक्षा 1 में नामांकन कराया जाएगा।
  • 🎓 कक्षा 5 के बाद बच्चों का कक्षा 6 में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।
  • 🎯 निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने पर विशेष जोर।

शिक्षा विभाग का मानना है कि शिक्षक, अभिभावक और समुदाय के संयुक्त प्रयास से विद्यालयों में छात्र संख्या और उपस्थिति दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।