मुंबई, एजेंसी। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी होने पर बैंक पांच दिन के भीतर रकम अस्थायी रूप से पीड़ित के खाते में हस्तांतरित करें। डिजिटल लेनदेन में ग्राहकों की जवाबदेही सीमित करने के लिए रिजर्व बैंक ने संशोधित नियम जारी कर यह व्यवस्था दी है।
नए नियम एक जनवरी, 2027 से लागू होंगे। बैंकों में 'शैडो रिवर्सल' के तहत रकम अस्थायी तौर पर खाते में भेजी जाती है पर जांच पूरी होने तक इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। रिजर्व बैंक ने कहा, ग्राहक धोखाधड़ी वाले लेनदेन की रिपोर्ट पांच दिन के भीतर करता है तो वह पूरी राशि पाने का हकदार होगा। 50 हजार रुपये तक का नुकसान होने पर पीड़ित को नुकसान की रकम का 85% या 25 हजार रुपये, जो भी कम हो क्षतिपूर्ति के तौर पर दिया जाए। यदि 29,412 रुपये से कम का नुकसान हुआ है तो रिजर्व बैंक 65%, ग्राहक का बैंक 10% और शेष लाभार्थी बैंक वहन करे।

