संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों को बड़ी राहत: शैक्षिक अभिलेखों में संशोधन हेतु नई प्रक्रिया जारी, शुल्क भी निर्धारित
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ ने संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षिक अभिलेखों में संशोधन संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। 24 जून 2026 को जारी पत्र के अनुसार अब नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम, अंकपत्र, प्रमाणपत्र एवं अन्य अभिलेखों में त्रुटि सुधार अथवा संशोधन के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनानी होगी।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा आवेदन पत्रों की जांच विद्यालय एवं जनपद स्तर पर किए जाने के बावजूद कई मामलों में अंक विवरण, नाम अथवा अन्य विवरणों में त्रुटियां सामने आती हैं। ऐसे मामलों में छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नई व्यवस्था के तहत विद्यालय स्तर पर एक जांच समिति गठित कर छात्र अभिलेखों की सावधानीपूर्वक जांच कराई जाएगी। किसी भी प्रकार के संशोधन के लिए संबंधित संस्था प्रधान द्वारा प्रमाणित आवेदन परिषद कार्यालय को भेजना होगा। बिना निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक अभिलेखों के प्राप्त प्रकरणों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
संशोधन शुल्क की दरें
| अवधि | शुल्क |
|---|---|
| 2002 से 2005 तक | ₹2500 |
| 2006 से 2010 तक | ₹2000 |
| 2011 से 2015 तक | ₹1500 |
| 2016 से 2020 तक | ₹1200 |
| द्वितीय प्रति (प्रति अभिलेख) | ₹500 |
आदेश की मुख्य बातें
✅ नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम एवं अंकपत्र में संशोधन की सुविधा।
✅ संस्था प्रधान के माध्यम से ही आवेदन स्वीकार होंगे।
✅ विद्यालय स्तर पर जांच समिति बनाकर अभिलेख सत्यापन अनिवार्य।
✅ निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।
✅ अपूर्ण अथवा नियमविरुद्ध आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
परिषद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों एवं संस्कृत विद्यालयों को निर्देश दिया है कि विद्यार्थियों के संशोधन संबंधी मामलों को निर्धारित प्रारूप पर समयबद्ध ढंग से परिषद कार्यालय को उपलब्ध कराएं, जिससे छात्रों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।

