जनगणना कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई: शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका गया
मिर्जापुर। जनगणना-2027 (प्रथम चरण – मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) के कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं अध्यापकों के खिलाफ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मिर्जापुर ने कड़ा रुख अपनाया है। इस संबंध में 20 जून 2026 को कार्यालय आदेश जारी कर संबंधित कार्मिकों के वेतन पर रोक लगाने तथा जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार जनगणना कार्य से संबंधित प्रशिक्षण पूर्ण होने और CMMS पोर्टल पर कार्य आवंटन के बावजूद कई प्रगणकों द्वारा बार-बार सूचित किए जाने के बाद भी ड्यूटी आदेश एवं जनगणना किट प्राप्त करने में रुचि नहीं दिखाई गई। इसके कारण जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही सामने आई है।
बीएसए मिर्जापुर ने ऐसे कार्मिकों के वेतन को अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उनके पठन-पाठन एवं विभागीय दायित्वों की समीक्षा के लिए जांच समिति गठित की गई है।
गठित जांच समिति
- जयवर्धन हल्दीवार (सीडीओ), मिर्जापुर
- खण्ड शिक्षा अधिकारी, पहाड़ी, मिर्जापुर
जांच समिति संबंधित शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं अध्यापकों के कार्यों की समीक्षा करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर गुण-दोष के अनुसार आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
आदेश के प्रमुख बिंदु
✅ जनगणना कार्य में लापरवाही का मामला।
✅ संबंधित शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का वेतन रोका गया।
✅ जांच समिति का गठन।
✅ रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई होगी।
✅ सभी संबंधित कार्मिकों को जांच में सहयोग करने के निर्देश।
शिक्षा विभाग के इस कदम को जनगणना-2027 के कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

