प्रदेश में मानसून की दस्तक के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। राजधानी में गुरुवार को दोपहर में कुछ देर के लिए आसमान में बादल तो छाए, लेकिन सूरज की तपिश ने इसे बेअसर कर दिया। आसमान से बरसती आग में बाहर निकलना दूभर हो रहा था। 40 से अधिक जिलों में लू ने लोगों की परेशानी बढ़ाई।डेमोग्राफ़िक्स
मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार और शनिवार को भी करीब 30 जिलों में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा, जिसमें लखनऊ भी शामिल है। रविवार से मौसम में बदलाव होगा, पर इसका ज्यादा असर पूर्वी यूपी के कुछ जिलों में ही दिखेगा। हालांकि, 30 जून तक मानसून मध्य यूपी तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले चार दिनों में मानसून प्रदेश के कई हिस्सों तक पहुंचेगा। इसकी शुरुआत पूर्वी यूपी के गोरखपुर, देवरिया और आसपास के जिलों से होगी। 29 जून तक मानसूनी वर्षा का असर लखनऊ समेत आसपास जिलों तक पहुंचने के आसार बन रहे हैं। 30 जून से एक जुलाई के बीच अधिकांश इलाकों में मध्यम से भारी बरसात के पूर्वानुमान हैं।
इस दौरान 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। जुलाई पहले सप्ताह तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छा बारिश की संभावना बन रही है। वर्षा के दौरान अधिकतम तापमान में पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
प्रयागराज प्रदेश में सबसे गर्म जिला
गुरुवार को प्रयागराज 43 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म जिला रिकार्ड किया गया, जबकि 42.9 डिग्री सेल्सियस के साथ सुल्तानपुर दूसरे नंबर पर रहा। लखनऊ में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक है। 30.2 डिग्री सेल्सियस के साथ वाराणसी में सबसे गर्म रात रही। लखनऊ में भी रात का पारा सीजन में पांचवीं बार 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

