लखनऊ। प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को स्कूल आने और पढ़ाई में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने बड़ी पहल की है। विभाग ऐसे 24,617 दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराएगा। इससे पहले विभाग की ओर से कैंप लगाकर बच्चों की जांच व परीक्षण भी कराया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क होगी।
विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि समेकित शिक्षा के तहत एलिम्को कानपुर के सहयोग से जांच व उपकरण वितरण शिविरों का आयोजन जिलों में किया जाएगा। इससे जुड़ी पूरी जानकारी बीएसए द्वारा एलिम्को कानपुर को उपलब्ध कराई जाएगी। जिलों में स्पेशल एजुकेटर्स, विशेष शिक्षक और फिजियोथेरेपिस्ट निर्धारित न्याय पंचायत के बच्चों को मेजरमेंट कैंप में परीक्षण कराने व सहायक यंत्र उपलब्ध कराएंगे।
स्कूल आने व पढ़ाई की दूर होगी दिक्कत, जिलों में लगेंगे शिविर
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा है कि कैंप में परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र, बाल वाटिका, अशासकीय सहायता प्राप्त और माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए बीएसए और डीआईओएस के बीच समन्वय किया जाएगा।
कैंप के आयोजन की तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। कैंप में चिह्नित बच्चों को आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति के लिए डीएम के अनुमोदन से सामग्री खरीदने के आदेश दिए जाएंगे। वाक् और श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों को हियरिंग एड फिट करने से पहले पंजीकृत प्रोफेशनल द्वारा ऑडियोमीटर से जांच कराई जाएगी।
बीएसए यह सुनिश्चित करेंगे कि कैंप की तिथि से तीन दिन पहले उपकरणों की आपूर्ति और असेंबलिंग हो जाए, ताकि कैंप के दिन बच्चों को तुरंत उपकरण दिए जा सकें। विभाग के अनुसार शिविरों की शुरुआत 18 अगस्त 2026 से होगी। इस अभियान से प्रदेश के हजारों दिव्यांग बच्चों को स्कूल आने और बेहतर तरीके से पढ़ाई करने में मदद मिलेगी।

