69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष संशोधित डाटा प्रस्तुत किया है। इस हलफनामे के बाद मंगलवार को होने वाली महत्वपूर्ण सुनवाई पर हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हैं। सरकार की ओर से प्रस्तुत नए आंकड़ों के मुताबिक श्रेणीवार कट ऑफ अनारक्षित वर्ग के लिए 69.46, अन्य पिछड़ा वर्ग की 65.92, अनुसूचित जाति की 60.14 और अनुसूचित जनजाति की 56.09 निर्धारित की गई है। सरकार ने हलफनामे के साथ 8,270 अभ्यर्थियों की सूची सौंपी है। जो वर्तमान में कार्यरत नहीं हैं। इस सूची में 3,324 अभ्यर्थी ओबीसी वर्ग और 4,946 अभ्यर्थी वे हैं, जिन्होंने पिछली सूची में कार्यभार ग्रहण नहीं किया था।
अधिवक्ता अमरेंद्र पटेल ने बताया कि बीएड अभ्यर्थियों को बाहर किए जाने संबंधी आदेश का प्रभाव इस भर्ती पर पड़ सकता है। प्रकरण से जुड़े जानकारों ने अभ्यर्थियों से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील की है। पूरी उम्मीदें मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई पर टिकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
परिषदीय स्कूलों में 69 हजार शिक्षक भर्ती के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में संशोधित डाटा का शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया। अब इस प्रकरण पर मंगलवार को सुनवाई होगी। अभ्यर्थियों की नजरें इस सुनवाई और फैसले पर लगी हुई हैं।
आरक्षण मामले की जानकारी
69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण मामले में हुई गड़बड़ी को लेकर अभ्यर्थियों के पक्ष में लड़ाई लड़ रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया कि विभाग की ओर से दिए गए डाटा के अनुसार अनारक्षित वर्ग का कटऑफ 69.46, अन्य पिछड़ा वर्ग 65.92, अनुसूचित जाति का 60.14 व अनुसूचित जनजाति का कटऑफ 56.09 है।
संशोधित सूची का विवरण
विभाग की ओर से हलफनामे के साथ 8270 अभ्यर्थियों की संशोधित सूची भी दी गई है। सूची में वह अभ्यर्थी शामिल हैं जो वर्तमान में कार्यरत नहीं हैं। कोर्ट में पेश की गई सूची में 3324 अभ्यर्थी अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं। यही नहीं यह भी स्पष्ट किया गया है कि पिछली सूची में 4926 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। ऐसे में इन्हें भी संशोधित मेरिट सूची में शामिल किया जाए। 3324 अन्य पिछड़ा वर्ग और 4946 खाली पदों को मिलाकर कुल 8270 अभ्यर्थियों का डाटा न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। अमरेन्द्र पटेल ने कहा कि अभ्यर्थियों की निगाहें विशेष रूप से बीएड अभ्यर्थियों को बाहर किए जाने संबंधी आदेश के प्रभाव पर है। विभाग ने अपनी सूचना में इस आदेश का उल्लेख किया है। यदि सुप्रीम कोर्ट में बीएड अभ्यर्थियों को बाहर रखने की स्थिति बरकरार रहती है तो पात्र बीटीसी व डीएलएड अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति का रास्ता साफ होगा।

