21 July 2026

69000 शिक्षक भर्ती मामले में विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में दिया शपथपत्र, अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता हो सकता है साफ

लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती मामले में बेसिक शिक्षा विभाग ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में संशोधित डेटा का शपथ पत्र पेश किया है। इस मामले में अब सोमवार को सुनवाई होनी है। मामले से जुड़े अमरेंद्र पटेल ने बताया कि विभाग के डेटा के अनुसार अनारक्षित वर्ग का कटऑफ 69.46, अन्य पिछड़ा वर्ग का 65.92, अनुसूचित जाति का 60.14 और अनुसूचित जनजाति का 56.09 है।

विभाग ने इस हलफनामे में कुल 8270 अभ्यर्थियों की सूची भी प्रस्तुत की है। इनमें वे अभ्यर्थी शामिल हैं जो वर्तमान में कार्यरत नहीं हैं। इस सूची में 3324 अभ्यर्थी अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं। यह भी स्पष्ट किया गया है कि पिछली सूची में 4946 ऐसे अभ्यर्थी थे जिन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। इन्हें भी संशोधित मेरिट सूची में शामिल किया गया है।

इस प्रकार 3324 ओबीसी अभ्यर्थियों और 4946 खाली पदों को मिलाकर कुल 8270 अभ्यर्थियों का डेटा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कहा गया कि अगर सुप्रीम कोर्ट में बीएड अभ्यर्थियों को बाहर रखने की स्थिति बरकरार रहती है, तो यह बीटीसी-डीएलएड अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति का रास्ता साफ कर सकता है।

क्या है पूरा मामला

69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से विवादों में रही है। अभ्यर्थियों के विभिन्न वर्गों द्वारा कटऑफ अंकों, आरक्षण की गणना और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान विभाग से संशोधित और सटीक डेटा मांगा गया था, जिसे अब शपथपत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विभाग द्वारा प्रस्तुत नए डेटा और शपथपत्र के आधार पर सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अंतिम निर्णय की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इससे वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।