सोलर उपभोक्ताओं पर फिक्स्ड चार्ज का बोझ, जीरो बिल का सपना टूटा
रूफटॉप सोलर लगाने के बाद भी बिजली बिल भरने की मजबूरी, उपभोक्ताओं में नाराजगी
रतलाम। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने वाले उपभोक्ताओं को अब बिजली बिल में फिक्स्ड चार्ज का झटका लग रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सोलर प्लांट लगवाते समय उन्हें बिजली बिल लगभग शून्य होने की उम्मीद थी, लेकिन अब किस्तों के साथ बिजली का बिल भी भरना पड़ रहा है।
मध्य प्रदेश में योजना के तहत बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई उपभोक्ताओं को सोलर लगाने के बावजूद करीब 1500 रुपये या उससे अधिक के फिक्स्ड चार्ज वाले बिल मिल रहे हैं। उपभोक्ताओं का सवाल है कि जब सोलर से बिजली की जरूरत काफी हद तक पूरी हो रही है, तो फिक्स्ड चार्ज क्यों लिया जा रहा है।
कंपनियों का तर्क—मेंटेनेंस चार्ज जरूरी
बिजली वितरण कंपनियों का कहना है कि सोलर सिस्टम से दिन में बिजली उत्पादन होने के बाद भी उपभोक्ता ग्रिड से जुड़े रहते हैं। जरूरत पड़ने पर वे ग्रिड की बिजली का उपयोग करते हैं। इसी कारण बिजली कनेक्शन से जुड़े फिक्स्ड/मेंटेनेंस चार्ज की व्यवस्था लागू है।
रिपोर्ट के अनुसार, सोलर क्षमता के आधार पर भी अलग-अलग फिक्स्ड चार्ज लिया जा रहा है। 2, 3 और 5 किलोवाट जैसे कनेक्शनों पर निर्धारित दरों के अनुसार शुल्क वसूला जा रहा है।
उपभोक्ताओं की मांग—योजना में बदलाव हो
सोलर उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को बिजली खर्च कम करने और परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से बढ़ावा दिया है। ऐसे में यदि सोलर लगाने के बाद भी नियमित फिक्स्ड चार्ज देना पड़े, तो योजना का वास्तविक लाभ सीमित हो जाता है।
उपभोक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि सोलर उपभोक्ताओं को फिक्स्ड चार्ज में राहत दी जाए या योजना के तहत बिल को पूरी तरह शून्य करने की व्यवस्था स्पष्ट की जाए।
मध्य प्रदेश में योजना की स्थिति
रिपोर्ट में दिए आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में योजना के तहत अलग-अलग बिजली वितरण कंपनियों के क्षेत्र में हजारों उपभोक्ताओं ने सोलर प्लांट लगाए हैं। सरकार की ओर से रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के बावजूद फिक्स्ड चार्ज को लेकर उठ रहे सवाल अब उपभोक्ताओं के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
मुख्य सवाल यही है—जब घर पर सोलर से बिजली बन रही है, तो उपभोक्ता को हर महीने कितना न्यूनतम बिजली बिल देना होगा और सरकार इस अतिरिक्त शुल्क से कब राहत देगी?

