08 September 2026

पथरी होने पर ली 15 दिन की छुट्टी, ​प्रधानाध्यापक ने रसोइया को निकाला

 


​औरैया। पथरी होने पर रसोइया ने 15 दिन की छुट्टी ले ली। वापस आई तो प्रधानाध्यापक ने नौकरी से निकाल दिया। जीवन यापन के लिए आय के एकमात्र साधन खोने के बाद पीड़ित महिला शनिवार को बिधूना तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची। पीड़िता ने अफसरों को व्यथा सुनाई तो अधिकारी भी चौंक गए।

​इसी तरह आवास की किस्त और जमीन कब्जे से परेशान दिव्यांग व घटिया सामग्री से नाला निर्माण जैसी शिकायतों ने अधिकारियों का पारा चढ़ा दिया। बिधूना तहसील सभागार में शनिवार को जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन डीएम बृजेश कुमार व एसपी अभिषेक भारती की अध्यक्षता में हुआ। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित 132 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर नौ शिकायतों का निस्तारण किया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तलब करते हुए जवाब मांगे। वहीं, सदर तहसील में 116 शिकायतें पहुंचीं, जिनमें पांच का निस्तारण किया गया। एसडीएम ब्रह्मानंद ने जनसुनवाई की।


​15 साल से सेवाएं दे रही रसोइया की गई नौकरी

​एरवाकटरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव बड़िन गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में 15 साल से तैनात रसोइया शांति देवी ने डीएम को बताया कि प्रधानाध्यापक ने उसे नौकरी से निकाल दिया है। पेट में पथरी होने के कारण हाल ही में उसने 15 दिनों की छुट्टी ली थी। आरोप है कि छुट्टी के दौरान प्रधानाध्यापक ने आवेदन देने के नाम पर उनसे सफेद कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। वापस आने पर उन्हें ड्यूटी करने से मना कर दिया गया। वेतन भी नहीं दिया गया। पीड़िता ने कहा कि नौकरी से ही उसकी आजीविका चलती है। अब वह दर-दर भटक रही है। न्याय दिलाया जाए।