बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने का बड़ा फैसला लिया है। डिप्टी सीएम जी परमेश्वर ने शनिवार को राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जो लंबे समय से सरकारी कर्मचारियों की मांग रही है।
क्या कहा डिप्टी सीएम ने? जी परमेश्वर ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा, "सरकार ने NPS को खत्म करने और जल्द ही OPS लागू करने का निर्णय लिया है।" हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि अब तक OPS को लागू नहीं किए जाने के पीछे क्या कारण थे।
चुनावी वादा था OPS की वापसी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भी पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का वादा किया था। अब इस फैसले के साथ सरकार ने अपने वादे को पूरा करने की दिशा में कदम उठाया है।
OPS vs NPS: क्या है अंतर?
| पुरानी पेंशन योजना (OPS) | नई पेंशन योजना (NPS) |
|---|---|
| सरकार द्वारा निर्धारित पेंशन मिलती है | पेंशन जमा राशि और निवेश रिटर्न पर निर्भर करती है |
| रिटायरमेंट के बाद जीवनभर नियमित आय | रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त राशि या मासिक पेंशन (बाजार पर निर्भर) |
| सरकारी कोष से सीधे भुगतान | कर्मचारी और सरकार संयुक्त योगदान देते हैं |
| सुरक्षित और निश्चित | बाजार जोखिम के अधीन |
कर्मचारियों का इंतजार कर्नाटक में OPS की बहाली लंबे समय से सरकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांग रही है। डिप्टी सीएम के इस ऐलान के बाद अब राज्य के कर्मचारियों को औपचारिक अधिसूचना और विस्तृत दिशा-निर्देशों का इंतजार है।

