उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव कहते हैं कि बीते दिनों टीईटी का परिणाम जारी होने के बाद जिस तरह से उस पर आपत्तियां आ रही हैं, उससे लगता है कि आगे रिजल्ट में बदलाव हो सकता है। ऐसे में सेवारत शिक्षक किसी भी कीमत पर जोखिम लेने को तैयार नहीं है।
वह टीईटी पास करने के बावजूद शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी देने को आवेदन फॉर्म भर रहे हैं। खासकर वह जो कि पास होने के लिए तय न्यूनतम अंक के आसपास ही नंबर पाए हैं। उन्हें लग रहा है कि कहीं परिणाम बदला तो कठिनाई खड़ी हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 को सेवारत शिक्षकों को वर्ष 2028 तक टीईटी पास करने की मोहलत दी है। विभाग ने एक साल विशेष टीईटी के आयोजन की तैयारी में ही निकाल दिए। अब सिर्फ दो वर्ष बचे हैं और कोई शिक्षक जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं।

