05 September 2026

लिपिकों की चूक का खामियाजा भुगत रहे विद्यार्थी

प्रयागराज,  समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से मिलने वाली छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे करीब 18 हजार गरीब छात्रों की परेशानी सालभर बाद भी खत्म नहीं हुई है। छात्रवृत्ति के आवेदन अग्रसारित करने में लिपिकों से हुई छोटी-छोटी गलतियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा। इसके चलते पिछले वित्तीय वर्ष की छात्रवृत्ति अटक गई। इस वित्तीय वर्ष के चार महीने बीत जाने के बाद अब नए सिरे से काम शुरू करना पड़ रहा है।



बताया जा रहा है कि शिक्षण संस्थानों की ओर से छात्रवृत्ति के आवेदन अग्रसारित करने के दौरान कई स्तर पर गलतियां हुईं। समय रहते इन गलतियों को ठीक नहीं किया जा सका, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों की छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हो सका। छात्र लगातार विभाग और शिक्षण संस्थानों के चक्कर लगाते रहे। पहले विभागों ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की, लेकिन जब बड़ी संख्या में नाम सामने आने लगे तो बाद में विभागीय स्तर पर इसकी जानकारी शासन को भेजी गई। अब शासन की ओर से इसमें सुधार की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पिछले वित्तीय वर्ष की छात्रवृत्ति का कार्यक्रम नए सिरे से जारी करना पड़ा है, ताकि पात्र छात्रों के आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ दिलाया जा सके। अब नए कार्यक्रम के जारी होने के बाद छात्रों को उम्मीद है कि लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान जल्द हो सकेगा।

29 सितंबर से 2 अक्तूबर तक होगा वितरण


जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कोमिल द्विवेदी ने बताया कि नई समय सारणी जारी कर दी गई है। सात सितंबर तक शिक्षण संस्थाओं को मास्टर डाटा तैयार करना होगा। आठ सितंबर तक विश्वविद्यालय या कॉलेज फीस आदि का सत्यापन करेगी। सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 29 सितंबर से छात्रवृत्ति वितरण शुरू कर दिया जाएगा।


एसबीआई की कई शाखाओं को नहीं जोड़ा


एक समस्या यह भी है कि एसबीआई की कई शाखाओं को विभागों ने अपने पोर्टल पर जोड़ा नहीं है। यह भी बड़ा कारण है कि कई छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी। क्योंकि एसबीआई की तमाम शाखाओं में बड़ी संख्या में छात्रों के खाते हैं। अब नई प्रक्रिया में इसमें सुधार की बात कही जा रही है।