नई दिल्ली, । बैंकों में एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच आरबीआई ने ग्राहक डाटा की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने को कहा है। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों से जुड़ा केवल उतना ही डाटा रखें, जितना किसी तय उद्देश्य के लिए जरूरी हो।
आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, ज्यादातर बैंक एआई से जुड़े काम के लिए बाहरी कंपनियों और तकनीकी सेवा प्रदाताओं पर निर्भर हैं। कुछ बैंक ही अपने एआई मॉडल विकसित कर रहे हैं। ऐसे में ग्राहक डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ग्राहक डाटा की सुरक्षा और गोपनीयता की अंतिम जिम्मेदारी बैंक की ही होगी। ऐसे में बैंकों को डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण कानून का अनिवार्य तौर पर पालन करना होगा। बैंक ग्राहकों का व्यक्तिगत डाटा केवल उसी उद्देश्य के लिए संरक्षित कर सकते हैं, जिसके लिए ग्राहकों ने सहमति दी है। दरअसल, आरबीआई ने पाया कि काफी बैंक ग्राहकों का गैर जरूरी जानकारी भी संरक्षित कर रहे हैं, जिसकी बैंकिंग व्यवस्था के अंदर कहीं पर कोई जरूरत नहीं थी। आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिस उद्देश्य के लिए डेटा लिया जा रहा है, वह पूरा होने के बाद बैंकों को नष्ट करना होगा।

