इस बार जनगणना में लोगों से सिर्फ नाम-पता और परिवार की जानकारी ही नहीं ली जाएगी, बल्कि डिजिटल साक्षरता के बारे में भी पूछा जाएगा। यानी कम्प्यूटर सर्च इंजन का कितना इस्तेमाल करते हैं। ऑनलाइन बैंकिग कितनी करते हैं। ऑनलाइन शापिंग में क्या-क्या मंगाते हैं। साथ ही बैंक खातों की संख्या, धर्म, मातृभाषा की जानकारी ली जाएगी। जनगणना के द्वितीय चरण में घर-घर पहुंचने वाले प्रगणक परिवार के सदस्यों से सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक व व्यक्तिगत स्थिति से जुड़े करीब 40 सवाल पूछेंगे। विस्तृत आंकड़ों के आधार पर सरकार भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं की बेहतर योजना और लक्ष्य निर्धारण कर सकेगी।
जनगणना का दूसरा चरण दिसम्बर में शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। गृहमंत्रालय ने सभी 40 सवालों की अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें प्रगणक परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि, उम्र और वैवाहिक स्थिति दर्ज करेंगे।
जनगणना में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का भी विस्तृत ब्योरा लिया जाएगा। पिछले वर्ष किए गए काम, व्यवसाय, उद्योग या सेवा के स्वरूप के साथ कार्यस्थल तक पहुंचने के साधन की जानकारी देनी होगी। यदि कोई व्यक्ति अपना स्थायी निवास छोड़कर दूसरी जगह रह रहा है तो उससे स्थान परिवर्तन का कारण और वर्तमान निवास में रहने की अवधि भी पूछी जाएगी। केन्द्र से जनगणना का कार्य दिसम्बर माह में कराने का संकेत मिलते ही जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। जनगणना में घर-घर जानकारी एकत्र करने के लिए 9.5 हजार कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
पहचान पत्र और बैंक खाते भी सवालों में
आधुनिक डिजिटल पहचान से जुड़े विवरण भी जनगणना में शामिल किए गए हैं। प्रगणक आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध होने की जानकारी लेंगे। वित्तीय स्थिति के आकलन के लिए सिर्फ बैंक खातों की कुल संख्या ही पूछी जाएगी। गोपनीयता को बनाए रखने के लिए खातों का ब्योरा नहीं लिया जाएगा। स्वास्थ्य सवालों में कोविड-19 टीकाकरण के स्थान की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

